लखनऊ । अलीगंज स्थित स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य एस. एस. नागपाल ने बताया कि नौतपा हर वर्ष ज्येष्ठ माह में शुरू होता है। ये नौ दिनों की अवधि मानी जाती है जब गर्मी उफान पर होती है। सूर्य ग्रह के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद नौतपा शुरू होता है । रोहिणी नक्षत्र में सूर्य 15 दिनों के लिए आता है। 15 दिनों के पहले के नौ दिन तक सर्वाधिक गर्मी पड़ती है। इन्हीं नौ दिनों को नौतपा कहते हैं।
इस समय सूर्य की किरणे धरती पर सीधे (लंबवत) पड़ती हैं। जिस कारण उनका तापमान सर्वाधिक रहता है इस साल 25 मई को सूर्य देव नक्षत्र रोहिणी में प्रातः 9 बजकर 40 मिनट पर प्रवेश करेंगे. जिससे नौतपा प्रारम्भ हो जायेगा, जो अगले नौ दिनों तक चलेगा. नौतपा की समाप्ति 3 जून को होगी। नौ दिनों तक प्रचंड गर्मी होती है तो समुद्र के पानी का वाष्पीकरण तेजी से होता है और तब घने बादल बनते हैं और इससे मानसून में अच्छी बारिश होने के आसार बनते हैं। यदि समुद्री क्षेत्रों में नौतपे के दौरान ही बारिश हो गई तो वाष्पीकरण की यह प्रक्रिया रुक जाती है और बादल कम बन पाते हैं।
ज्योतिष अनुसार यदि किसी की कुंडली में सूर्य प्रबल होता है, तो उसे जीवन में अपार सफलता, यश और मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है. इसी कारण इस अवधि में सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को आशीर्वाद मिलता है और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं. नौतपा के दिनो में तामसिक चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे स्वास्थ्य खराब हो सकता है।












