लखनऊ। सीतापुर के महमूदाबाद में चलती ट्रेन से फेंकी गयी दस वर्षीय बच्ची को बीतीरात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। इलाज के बाद भी अभी भी बच्ची की हालत गंम्भीर बनी हुई है। विशेषज्ञ डाक्टरों का कहना है कि हालत स्थिर है, पर सिर की चोट काफी गहरी है। अभी आपरेशन का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विभाग प्रमुख डा. संदीप तिवारी के नेतृत्व में डाक्टरों की टीम लगातार उसकी देख भाल कर रही है।
ज्ञात हो कि मंगलवार की देर शाम महमूदाबाद कोतवाली पुलिस को गुलरामऊ क्रांसिग के पास एक दस वर्षीय बच्ची को घायल अवस्था में पड़ा पाया था। स्थानीय पुलिस घायल बच्ची को निकट के स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराने के बाद बच्ची की डाक्टरों ने जांच की आैर चोट की हालत गंभीर बताते हुए केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में भर्ती रेफर कर दिया। मंगलवार की रात जीआरपी की एम्बुलेंस से उसे ट्रामा सेटर पहुंची थी। यहां पर भर्ती करने के बाद ट्रामा सर्जरी विभाग के बच्ची की जांच करने के बा द न्यूरो सर्जरी विभाग के डाक्टरों की मदद से इलाज करना शुरू कर दिया था।
डाक्टरों का मानना है कि बच्ची की सिर में काफी गहरी चोट लगी है आैर चेहरे में चोटे गहरी है। इसका अभी वह अपने सेंस में ही नही है। हालत को देखते हुए न्यूरो सर्जरी व ट्रामा सर्जरी विभाग के डाक्टरों की टीम लगातार उसके स्वास्थ्य पर निगरानी बनाये है। विभाग डा. वैभव ने बताया कि सिर व चेहरे पर गंभीर चोट है। इससे वह अभी तक बेहोश है। हालत स्थिर है। डाक्टरों की टीम निगरानी करते हुए लगातार जांच कर रही है।