न्यूज। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रोयेसस ने वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ते मंकी पॉक्स के मामलों को देखते हुए इसे वैश्विक आपातकाल यानी ग्लोबल इमरजेंसी घोषित किया है। मंकीपॉक्स के भारत में भी दो के सामने आ चुके हैं। इसके बाद पूरे देश के राज्यों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है भारत में देश-विदेश से आने वाले संदिग्ध यात्री की जांच की जा रही है।
श्री ट्रेडोस ने एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मंकीपॉक्स एक प्रकोप है जो दुनिया में तेजी से फैल गया है और इसके फैलने बारे में कम समझते है और यह अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत आपातकाल के मानदंडों को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि इस वायरस का मौजूदा जोखिम वैश्विक स्तर पर यूरोप क्षेा को छोड़कर सभी क्षेाों में मध्यम है।
साइंस मैगाीन के अनुसार आपातकालीन पैनल के आठ सदस्य स्वास्थ्य आपातकाल के खिलाफ थे और छह ने इसके पक्ष में मतदान किया।
नवीनतम आंकड़ों के अनुसार डब्ल्यूएचओ के सामने मंकीपॉक्स के 16,000 से अधिक मामले आए हैं।












