लखनऊ। केरल के बाद दिल्ली में मंकीपाक्स का केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त अरब अमीरात, स्पेन सहित अन्य देशों से आने वाले यात्रियों की ट्रेसिंग शुरू कर दी है। इसके अलावा दिल्ली व केरल से आने वाले यात्रियों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी सरकारी अस्पतालों में दस बिस्तर मंकी पाक्स मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मंकीपाक्स बीमारी को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इसके बाद केरल के बाद दिल्ली में भी मंकी पाक्स के मरीज की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के जरिये यूपी में मंकी पाक्स की इंट्री हो सकती है। विदेश से आने वाले यात्रियों की खास तौर पर जांच की जा रही है। आंकड़ों के अनुसार अभी तक विश्व के ग्यारह देशों में मंकी पाक्स के मरीज मिल चुके है। ऐसे में विदेश यात्री में कोई भी लक्षण मिलने पर उसे तत्काल आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा। उसके बाद सैंपल एकत्र करके एन आई वी पुणे टेस्ंिटग के लिए भेजे जा रहे है। यूपी में मंकी पाक्स की जांच नहीं हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मनोज अग्रवाल का कहना है कि विदेशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा केरल व दिल्ली से आने वाले यात्रियों की जानकारी एक त्र की जा रही है। इसके अलावा इंटीगेग्रेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर के जरिये विदेशी यात्रियों से सम्पर्क किया जा रहा है।
रैपिड रिस्पांस टीम को एक्टिव कर दिया गया है। इसके साथ ही इंटरनेशनल टर्मिनल्स पर विशेष निगरानी की जा रही है। उनका कहना है कि लगातार राजधानी में प्रत्येक स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में दस बिस्तर रिजर्व रहने के निर्देश दे दिये गये है। उनका कहना है कि कोई विदेश या केरल व दिल्ली से आने के बाद मंकी पाक्स के लक्षण दिखायी दे, तो स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दें।












