लखनऊ। प्रदेश में डायबिटीज के हुए एक अध्ययन से यह सामने आया है कि लखनऊ, कानपुर और गाज़ियाबाद में इसका प्रकोप सबसे ज्यादा बढ़ रहा है। यह क्यो बढ़ रहा है, इस पर भी शोध किया जा रहा है। यह जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ डाक्टर व मधुमेह रोग विशेषज्ञ डा. नरसिंह वर्मा ने दी। गोमती नगर के निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में मधुमेह विशेषज्ञों ने एक मत से जीवन शैली बदलने की अपील की।
डा. वर्मा ने बताया कि डायबिटिक हैं, तो आपको अपनी सेहत का ध्यान रखने की विशेष जरूरत है। उन्होंने बताया कि ऐसे में आपको बहुत सी सलाह भी मिलती होंगी जैसे- शुगर से बचें। बहुत ज्यादा आलू न खाएं ,वजन कम करें, चीनी की जगह अन्य चीजों का इस्तेमाल करें आदि… तो अब सोचने वाली बता यह है की कौन सी सलाह मानी जाए और कौन सी नहीं। दूसरो की सलाह मानकर अपनी जानखतरे में न डाले। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग ज्यादा प्यास लगना, बार- बार पेशाब आना, थकान आैर चिड़चिड़ापन, अचानक वजन घटना, धुंधला दिखायी देना, हाथ पैरो में झुनझुनी महसूस होना, घाव भरने में ज्यादा देर लगे के साथ यह लक्षण हो रहे हो, तो तत्काल विशेषज्ञ डाक्टर से परामर्श करके डाबिटीज की जांच कराये।
कार्यक्रम में डा. अनुज माहेश्वरी ने बताया कि डायबिटीज में अपने खानपान में इस तरह से ध्यान रखे। इसमें जब भी खाये, एक बार में ज्यादा न खाये। थोड़ा – थोड़ा देर में कुछ न कुछ खाते रहे। खाने से पहले सलाह ज्यादा मात्रा में खाये, ताकि खाना ज्यादा न खा सके। हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करें। कम शुगर वाले फलों का सेवन करें। कार्यक्रम में डा. सीजी अग्रवाल, डा. मनोज आैर डा. ऋषि शुक्ला आदि मौजूद रहते है।
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