लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी में जल्द ही 20 बिस्तर और बढ़ाये जायेंगे,लेकिन अभी ट्रामा के मरीजों को नहीं भर्ती किया जाएगा। फि र भी गंभीर मरीजों के लिए डायग्नोस्टिक सुविधाओं का भी इजाफा किया जाएगा। यह बाते संस्थान के निदेशक प्रो. ए.के.त्रिपाठी ने बुधवार का इमरजेंसी का निरीक्षण करने के बाद कही। निदेशक डा. त्रिपाठी वहां के निरीक्षण के बाद उन्होंने कई खामियां देखी आैर सुधार के कई निर्देश दिये। यहीं नहीं उन्होंने इमरजेंसी के कार्यरत डॉक्टरों व रेजीडेंट को निर्देशित किया कि इमरजेंसी में आये गम्भीर मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज दिया जाये व भर्ती किया जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही संज्ञान में आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी में चल रहे नवीनीकरण कार्य का जायजा किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही यहां 20 बिस्तर और बढ़ाये जायेंगे, जिसस आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज में मदद मिलेगी। बताते चले कि अभी तक 40 बिस्तर की इमरजेंसी है, 20 बिस्तर बढ़ने पर 60 हो जायेंगे।
संस्थान के प्रवक्ता डा. विक्रम सिंह ने बताया कि हॉस्पिटल ब्लॉक में इमरजेंसी सेवा को अपग्रेड किया जा रहा है। इमरजेंसी वार्ड को तीन जोन में बांटा जाना है। इसमें रेड जोन में क्रिटकल मरीज, येलो जोन में गंभीर व ग्रीन जोन में खतरे से बाहर वाले मरीजों को भर्ती किया जाता है। वहीं इमरजेंसी की खास बात यह होगी कि इमरजेंसी में बेड साइड एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड हो सकेगा। पोर्टेबल मशीन के जरिए मरीज की तुरंत जांच हो सकेगी। वहीं ईको भी 24 घंटे हो सकेगा। अभी इमरजेंसी में सिर्फ ईसीजी हो रही है। ठंड में हार्ट अटैक के रोगी बढ़ जाते हैं। वहीं ईको होने से रोगियों को राहत मिलेगी। हार्ट अटैक के मरीज की जांच कर तुरंत आइसीयू व कैथ लैब शिफ्ट किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि लेकिन ट्रामा के मरीजों को भर्ती नहीं किया जायेगा। संस्थान के प्रवक्ता विक्रम सिंह का कहना है कि अभी आर्थोपेडिक व न्यूरो का इंफ्रास्ट्रचर नहीं हैं। इस कारण ऐसे मरीजों दुर्घटना में घायल मरीजों को इलाज नहीं दिया जा सकेगा।
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