लखनऊ। डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी में गड़बड़ी का लगातार खुलासा होने बाद संस्थान प्रशासन घबरा गया है। संस्थान ने अब तुगलकी फरमान जारी करते हुए संस्थान में प्रवेश करने से पहले मीडिया कर्मियों को अनुमति लेने के निर्देश दिया है। जिम्मेदार अधिकारियों की संस्तुति के बगैर की मीडियाकर्मी यहां पर कवरेज पर पांबदी लगा दी गयी। यह निर्देश चिकित्सा अधीक्षक ने जारी करते हुए इसका सख्ती से अनुपालन कराने के लिए कहा गया हैं।
लोहिया संस्थान की इमरजेंसी से वहीं तैनात डाक्टरों की मिली भगत से मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा था। यहां की इमरजेंसी में तैनात एक डॉक्टर की दलाल संग चैट वॉयरल होने के बाद संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी हलकान हो गये। बताया जाता है कि कुछ वरिष्ठ डाक्टरों ने खुद को बचाने के लिए इमरजेंसी के एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया। संस्थान सूत्रो की माने तो जांच आगे बढ़ी तो वहां के कई रेजीडेंट व वरिष्ठ डाक्टर भी चपेट में आने लगे।
कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने अब संस्थान अपनी साख को बचाने का दावा करते हुए मीडिया कर्मियों के प्रवेश को रोक दिया है। सख्ती से कहा गया है कि बिना जिम्मेदार अधिकारियों की अनुमति के मीडिया कर्मी प्रवेश नहीं कर सकेंगे। तुगलकी फरमान में कोई भी मीडियाकर्मी संस्थान में कवरेज करता मिला, तब उसे सुरक्षा गार्डो के माध्यम से सख्ती से निपटने के आदेश चिकित्सा अधीक्षक ने दिये हैं। फरमान जारी करने के बाद संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी बात भी नहीं कर रहे है।
बताते चले कि लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पूर्व में तैनात रहे एक रेजीडेंट डॉक्टर के बगल में बैठे दलाल की फोटो वॉयरल हुई थी। इस मामले में भी संस्थान की बदनामी हुई थी। संस्थान प्रशासन को कई अस्पतालों के खिलाफ मरीजों को शिफ्ट कराने के साक्ष्य भी दिये गये थे, मगर संस्थान पुलिस को पत्र भेजकर मामले को ठंडा कर दिया था। अब नये प्रकरण में हो रही जांच में कई डॉक्टरों की नपने की आशंका पर यह नया फरमान जारी कर खुद बचाने की कवायद शुरू हो गयी है।












