लिम्ब सेंटर में ही बनेना कोविड -19 हास्पिटल

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लखनऊ। दिव्यांगजनों के लगातार विरोध के बाद भी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के लिम्ब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाने की संस्तुति गठित कमेटी ने दी है। कमेटी ने संस्तुति केजीएमयू प्रशासन को सौप दी गयी है, कोविड-19 हास्पिटल बनाने का अंतिम निर्णय केजीएमयू प्रशासन करेंगा। बताते चले कि कोविड-19 हास्पिटल बनाने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने लिम्ब सेंटर का चयन किया है। लिम्ब सेंटर में कृत्रिम अंग एवं अवयव केन्द्र,आर्थोपैडिक विभाग, गठिया रोग विभाग, स्पोर्टस मेडिसिन, पीडियाट्रिकआर्थोपैडिक विभाग चलता है, लेकिन लिम्ब सेंटर बनाने का विरोध दिव्यांग जनों ने करना शुरू कर दिया है। उनका कहना है प्रदेश में कृत्रिम अंग निर्माण का सबसे सस्ता व उच्चस्तरीय अंग बनाने वाला केन्द्र यही है। यहीं भी सर्जरी भी हो जाती है।

इसके अलावा गठिया रोग विभाग की ओपीडी में डाक्टरों को दिखाने के लिए सुबह छह बजे से लाइन लग जाती है। बच्चों के पैर की विकृति का भी यही इलाज किया जाता है। दिव्यांगजनों के लिए सभी तलों पर रैम्प भी यही बना हुआ है। लिम्ब सेंटर का भवन कोविड-19 के मानकों को पूरान करता है कि नहीं। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने डाक्टरों की टीम का गठन किया था। इस टीम के सदस्य लिम्ब सेंटर का निरीक्षण करके अपनी रिपोर्ट केजीएमयू प्रशासन को दे दी है। रिपोर्ट के अनुसार लिम्ब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाया जा सकता है। अब केजीएमयू प्रशासन अंतिम निर्णय लेगा कि लिम्ब सेंटर को कोविड-19 हास्पिटल बनाना है कि नहीं। फिलहाल दिव्यांगजनों ने लिम्ब सेंटर को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर लिम्ब सेंटर के स्थान पर अन्य कोई भवन में कोविड-19 को बनाने के लिए कहा है। उनका कहना है कि लिम्ब सेंटर से बेहतर इलाज दिव्यांग जनों के लिए कहीं नहीं होता है।

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