लखनऊ। अगर वक्त रहते निर्वाचन आयोग और शासन निर्णय नहीं लिया तो ठाकुर गंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय और टीबी अस्पताल में 16 नवंबर से ताला लटका रहेगा. यहां पर आपातकालीन चिकित्सा से लेकर ओपीडी तक बंद होने की नौबत आ गई है . सभी प्रकार के मरीजों का इलाज बंद रहेगा और डॉक्टर से लेकर वार्ड बॉय तक चुनाव में ड्यूटी करेंगे. जी हां 16 नवंबर से निकाय चुनाव में लगा दी जाएगी . पहले प्रशिक्षण उसके बाद चुनाव 26 नवंबर को ड्यूटी में रहेंगे । यहां के डॉक्टर से लेकर वार्ड बॉय तक संयुक्त रुप से जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर अन्य जिम्मेदार लोगों से मुलाकात कर चुनाव में अस्पताल के क्लीनिकल लोगों के ड्यूटी ना लगाने का न्यायालय का आदेश दिखा चुके हैं.
इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है . ठाकुरगंज का यह संयुक्त चिकित्सालय राजधानी का एकमात्र चिकित्सालय है जहां के डॉक्टरों से लेकर वार्ड बॉय तक ड्यूटी चुनाव में लगी है . ठाकुरगंज स्थित अस्पताल के चिकित्सक व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की चुनाव में ड्यूटी लगाई गयी है। यहां के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजेश श्रीवास्तव से लेकर वार्ड वाय तक चुनाव ड्यूटी में है . यह ड् यूटी २५ नवम्बर से शुरू होकर २६ नवंबर की मध्य रात्रि तक चलेगी। ऐसे में अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल साबित होने वाला है। २०० बेड के इस अस्पताल में पहले से ही चिकित्सक व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की कमी है।
टीबी अस्पताल के चार चिकित्सक,१३ फार्मासिस्ट,एक फिजियोथैरपिस्ट, चार एलटी समेत तीन एक्स-रे तकनीशियन मिलाकर ३७ लोगों को चुनावी ड् यूटी में लगा दिया गया है। मौजूदा समय में लगभग १२० मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। इन लोगों के चुनावी ड्यूटी में चले जाने से अस्पताल में तीन दिन तक इलाज बाधित होगा। ऐसे में यदि किसी प्रकार की अनहोनी हो जाती है,तो उसकी जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने स्टाफ की कमी से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी बाकी बचे तीन चिकित्सक व एक फार्मासिस्ट व नर्सो के ऊपर आ जायेगी। इन्हीं लोगों को १०० से अधिक मरीजों का इलाज करना होगा।
मेरी जानकारी में मामला नहीं है,जिलाधिकारी से बात करके ही कुछ कहा जा सकता है।
-प्रशांत त्रिवेदी,प्रमुख सचिव,चिकित्सा एवं स्वास्थ्य












