लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में फेफड़े के कैंसर से पीड़ित मरीजों को और बेहतर आैर उच्चस्तरीय इलाज देने के लिए रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में मंगलवार को विशेष क्लीनिक शुरु की गई है। यह क्लीनिक प्रत्येक बृहस्पतिवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच विभाग में चलायी जाएगी।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग अपना 75वां वर्ष मना रहा है। विभाग में अब तक अलग-अलग बीमारियों की आठ क्लीनिक का संचालन हो रहा था। अब नौंवी क्लीनिक शुरू की गई है। विभाग प्रमुख डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि फेफड़े के कैंसर में मरीज को लक्षण शुरुआत में नजर नहीं आते हैं। नतीजतन 90 फीसदी मरीज अंतिम अवस्था में इलाज के लिए पहुंचते हैं। मरीजों को समय पर इलाज मुहैया कराने के लिए विशेष क्लीनिक शुरू की गयी है। उन्होंने बताया कि देश में फेफड़े के कैंसर से पीड़ितों की संख्या में तेजी से बढ़ हो रही है। लगभग एक लाख लोग फेफड़े के कैं सर की चपेट में हैं। इनमें पुरुषों की संख्या सत्तर हजार है। वहीं फेफड़े के कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या करीब 30 हजार है। उन्होंने बताया कि फेफड़े के कैंसर मुख्य वजह प्रदूषण, कीटनाशक दवाओं का अत्याधिक उपयोग, धूम्रपान व धुआं आदि है। उन्होंने बताया कि अभी मरीज को क्लीनिक में दिखाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण जरूरी है। केजीएमयू की वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण होगा। फोन नम्बर 0522-2258880 पर पंजीकरण कराया जा सकता है।
केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएन शंखवार के मुताबिक कैंसर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी व ऑपरेशन की सुविधा मौजूद है। कार्यक्रम में डॉ. एसके वर्मा, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. आरएएस कुशवाहा, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजीव गर्ग आदि मौजूद थे।












