लखनऊ – शरीर को स्वस्थ्य रखना है तो सबसे पेट दुरुरस्त रखा जाय. पेट की गड़बड़ी से व्यक्ति मानसिक रूप से भी असंतुलित हो जाता है. यह कहना है उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा का. डॉ. शर्मा बुधवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर खिलाई जाने वाली दवा का उद्घाटन कर रहे थे. उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि चरक संहिता का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वस्थ्य व्यक्ति पेट का दुरुरस्त रहना बहुत जरूरी है. इसलिए बच्चों के लिए यह दवा के लिए वरदान के समान है. उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि प्रदेश को कृमि मुक्त बनाने में मदद करें.
मात, शिशु एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉक्टर रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि पहली बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सभी 75 जिलों में कीड़े की दवा खिलाई जाएगी. इसके लिए अन्य विभागों की भी मदद ली जा रही है. उन्होंने बताया कि यूपी में 1 से 19 वर्ष के 7 करोड़ 9 लाख बच्चों को एल्बेंडोजोल की गोली खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
मात, शिशु एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री स्वाति सिंह ने पोलियो की तरह कृमि मुक्त प्रदेश बनाने के लिए सभी का आह्वान किया. वहीं विधायक डॉक्टर नीरज बोरा ने बताया कि आज के ही दिन स्वाधीनता दिवस की शुरुआत हुई थी. कार्यक्रम के आखिर में उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने एन.एच.एम. के आर.के.एस.के. व आर.बी.एस.के. के महाप्रबंधक डॉक्टर हरिओम दीक्षित को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया. इसके साथ ही चाँदगंज प्राथमिक विद्यालय के छात्रों को एल्बेंडोजोल की गोली खिला कर इस मुहिम की शुरुआत की गई.
राष्ट्रीय अभियान
कृमि संक्रमण से बचाव के लिए हर साल फरवरी व अगस्त माह में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत अल्बेंडाजोल की खुराक बच्चों को दी जाती है। 10 अगस्त को एक वर्ष से 19 वर्ष की उम्र के सभी बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी। जो बच्चे किसी कारणवश 10 अगस्त को दवा खाने से छूट जाएंगे उन्हें 17 अगस्त को मॉप उप राउंड के तहत यह दवा खिलाई जाएगी. एक से दो साल तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली और दो साल से ऊपर के बच्चों को एल्बेंडाजोल की पूरी गोली दी जाएगी.
पेट में कीड़े होने के लक्षण –
- कृमि संक्रमण से बच्चों में कुपोषण
- खून कम लगती है
- शरीर में थकावट बनी रहती है
- पढ़ाई में मन नहीं लगता है
- कृमि अधिक होने से जी मिचलाना
- दस्त, पेट दर्द, कमजोरी भी लगती है
क्या करें, क्या न करें
- हमेशा साफ पानी पिये
- कुछ भी खाने से पूर्व हाथ धोएं
- खाना ढंक कर रखें
- खुले में शौच नहीं जाएं
- शौचालय का प्रयोग ही करें
- पेट में कैसे पैदा होता है कीड़ा
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