लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के चिकित्सक शिक्षकों ने लम्बें अर्से से मांगों के पूरा न होने पर आंदोलन की घोषणा कर दी है। चिकित्सक शिक्षक ने पीजीआई व लोहिया के समान सातवे वेतनमान के हिसाब से भत्तों की मांग कर रहे है। केजीएमयू शिक्षक संघ की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि पे-मैट्रिक्स व सेवानिवृत्तिक लाभ का आदेश जल्द जारी नहीं हुआ, तो आन्दोलन शुरू होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी केजीएमयू प्रशासन व शासन के अधिकारियों की होगी।
बैठक में करीब 250 चिकित्सक शिक्षक उपस्थित रहे।
केजीएमयू शिक्षक संघ की आम सभा कलाम सेंटर में हुई। इसमें बड़ी संख्या में चिकित्सक शिक्षक पहुंचे। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह व महासचिव डॉ. संतोष कुमार ने किया। डॉ. सिंह कहा कि चिकित्सक शिक्षकों को लगातार मांग करने के बाद भी पीजीआई के समान वेतन, भत्ते व अर्जित अवकाश नहीं मिल रहा है। सातवें वेतनमान का संशोधित पे-मेट्रिक्स पीजीआई को छह फरवरी 2020 को मिला, जबकि लोहिया संस्थान को पहली फरवरी 2022 को मिला, लेकिन अभी तक केजीएमयू इस फायदा से अभी तक नहीं मिल सका है।
महासचिव डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार ने जल्द ही हमारी मांग नहीं मानी तो आंदोलन शुरू करना मजबूरी होगी। चिकित्सक शिक्षक संघ मुख्यमंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री और कुलपति को ज्ञापन सौपेंगे। उन्होंने कहा कि ज्ञापन सौंपने के दस दिन भीतर आदेश जारी नहीं हुआ। तो आंदोलन का अलगे चरण में काला फीता बांधकर विरोध दर्ज किया जाएगा।
इसके बाद भी अगले सात दिनों तक मांग न माने जाने पर दोबारा आम सभा की बैठक बुलाकर उसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी शिक्षकों को चिकित्सीय सुविधाएं, अर्जित अवकाश, वाहन भत्ता, बैंक संबंधित सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। इनका निदान केजीएमयू स्तर से होना है, लेकिन वह भी प्रशासनिक लापरवाही नहीं हो पा रहा है।
आम सभा में ऑर्थोपेडिक विभाग के वरिष्ठ डॉ. स्व. संतोष कुमार को श्रद्धांजलि दी गई। संघ ने फैसला किया कि सभी शिक्षक डॉ. संतोष के परिवार को एक दिन का वेतन देंगे












