Lucknow। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने किडनी के दुर्लभ कार्सिनोमा को जटिल सर्जरी से निकाल कर के मरीज को नई जिंदगी दी । सर्जरी करने वाले यूरोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टर विश्वजीत ने बताया कि इस तरह का दुर्लभ कार्सिनोमा बहुत कम ही किडनी में बनता है । अगर किडनी में स्टोन बन रहा हो , तो उसे जल्द से जल्द विशेषज्ञ की सलाह लेकर के निकलवा देना चाहिए।
लखनऊ के रहने वाले 45 वर्षीय पुरुष को करीब 18 महीने पहले पेट व कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द हुआ। स्थानीय डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने किडनी में पथरी की संभावना बताया। मरीज को केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में डॉक्टर को दिखाने का परामर्श दिया। यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में डॉ. विश्वजीत ने मरीज को देखा। मरीज की पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी समेत अन्य जांच कराई। जांच रिपोर्ट में किडनी में कई बड़ी पथरी निकली। डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
मरीज ने किडनी की पथरी के ऑपरेशन में टालमटौल दिया। ऑपरेशन टाल दिया। दो से तीन माह बाद मरीज को फिर से परेशानी हुई तो वह दोबारा यूरोलॉजी विभाग पहुंचा। दोबारा जांच में अब पथरी दोनों किडनियों में बन चुकी थी। डॉक्टरों ने चिंता जाहिर करते हुए फौरन ऑपरेशन कराने की सलाह दी। डॉ. विश्वजीत ने मुफ्त इलाज की जानकारी भी दी। इसके बावजूद मरीज ने ध्यान नहीं दिया। करीब एक माह पूर्व मरीज गंभीर अवस्था में यूरोलॉजी पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने मरीज का सीटी स्कैन व एफएनएसी जांच कराई। जिसमें स्क्वामस सेल कार्सिनोमा की पुष्टि हुई।
डॉ. विश्वजीत ने बताया कि गुर्दे में बड़े आकार की पथरी को लंबे समय तक नहीं छोड़ना चाहिए। डॉक्टर की सलाह पर तुरंत सर्जरी कराना चाहिए। पथरी गुर्दे की कोशिकाओं को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि गुर्दे में स्क्वामस सेल कार्सिनोमा का पनपना बहुत ही दुर्लभ है। यह कैंसर महिलाओं में गर्भाश्य के मुंह में अधिक पाया जाता है। फेफड़े, मुंह, होंठ समेत दूसरे अंगों में भी पाया जाता है। फिलहाल मरीज का इलाज यूरोलॉजी व मेडिकल आंकोलॉजी विभाग में चल रहा है।