लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में महंगी दर पर कोविड सामान की खरीद मामले में शासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे केजीएमयू में परर्चेज कमेटी के अधिकारियों में में हड़कंप मच गया है। तीन सदस्यीय कमेटी मामले की जांच शुरू कर दी है और उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
आरोप है कि कोविड-19 जांच संबंधी सामान व टेस्ट किट खरीद में निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए खरीद से जुड़े अधिकारी लगे हुए हैं । ऐसा तब हो रहा है, जब मेडिकल काॅरपोरेशन कोविड-19 से जुड़े सभी सामानों को सस्ता दे रहा है और केजीएमयू कोविड से जुड़े सामान को महंगी दरों पर खरीद रहा है। इसमें निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए महंगी दर पर आरटीपीसार किट, वाॅयल समेत अन्य सामान खरीदकर लाखों रूपए की गड़बड़ी का आरोप है। कुछ दिन पहले इस मामले को लेकर शिकायत मुख्यमंत्री से हुई थी, जिसके बाद शासन ने इससे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं। केजीएमयू को करोडो रूपए का बजट मिला हुआ है। इसमें कोरोना से जुडे सामान की खरीद उच्च दर पर की जा रही है। मामले में फजीहत होने पर खरीद से जुड़े अधिकारी मेडिकल काॅरपोरेशन व केजीएमयू जरिए खरीदी जा रही किट की गुणवत्ता को बेहतर बताकर महंगी दर पर खरीदने का दावा कर रहे हैं। इसे लेकर केजीएमयू प्रशासन का तर्क है कि कहीं कोई गड़बड़ी नहीं है जो जांच होगी वह कराकर रिपोर्ट भेजी जाएगी। बताते चलें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में असाध्य रोगों की दवाओं की खरीद के लिए एक निजी कंपनी को ही कई वर्षों से ठेका देने की दावा किया जा रहा है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि एक डॉक्टर द्वारा ली हुई फ्रेंचाइजी कंपनी को सामान खरीदने की स्वीकृति दी जाती है।












