लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा परिसर में मंगलवार रात लावारिस खड़ी मिली कार में लाश मिलने से अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा गार्डो काफी देर तक कार मालिक की तलाश करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर इसकी सूचना पीआरओ को दी। कार में लाश मिलने की सूचना वहां पर लोगों की जबरदस्त भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त की आैर परिजनों को जानकारी दी।
खुर्रमनगर के अबरार नगर निवासी बैजनाथ मिश्रा का बेटा मोहित (21) बीएएसी का छात्र था। मंगलवार वह शाम को घर से मोटर साइकिल पर किसी काम के लिए निकला था। बताते है कि महानगर स्थित गोल मार्केट पास एक बेकाबू ट्रेवल कार ने उसे ठोकर मार दी। लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया और उस पर दबाव बनाते हुए जख्मी हालत में कार से केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर भेज दिया। संवेदनहीन कार चालक घायल युवक को ट्रॉमा ले जाने की बजाय दो घंटे तक सड़कों पर इधर उधर घूमाता रहा। इस बीच इलाज अभाव में उसकी मौत हो गई। रात करीब नौ बजे ट्रॉमा परिसर के एटीएम के पास कार लावारिस छोड़कर भाग निकला। काफी देर तक कार लावारिस खड़ी देख लोगों ने गार्डो को बताया। गार्डो ने ताकझाक देखा तो अंदर घायल युवक पड़ा था। गार्डो ने किसी प्रकार कार खोलकर देखा तो उसमें लाश पड़ी थी। लाश देखकर वहां पर हड़कंप मच गया। पहले तो तमाशबीन भागने लगे फिर लाश को देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गयी।
गार्डो ने पीआरओ को मामले की जानकारी दी। पीआरओ ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर आई पुलिस ने छानबीन करके पोस्टमार्टम भेजा। मृतक की मां कुमकुम का आरोप है कि कार चालक की लापरवाही से बेटे की जान चली गई। उनका कहना है कि कार चालक इलाज की बजाय रोड पर लेकर उसे घूमता नहीं रहता तो उसकी जान बचायी जा सकती थी। उनका आरोप है कि इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।