किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर स्थित क्रिटकल केयर यूनिट में कृत्रिम तरीके से फेफड़े का इलाज के दौरान एक्मों उपकरण से संचालन किया जा सकेगा। यह उपकरण वेंटिलेटर यूनिट के साथ ही कार्य करेंगा। यूनिट में दो महीने में मरीजों का इलाज इससे शुरू किया जाएगा। ट्रामा सेंटर स्थित क्रिटकल केयर यूनिट प्रभारी डा. अविनाश ने बताया कि उन्होंने पेरिस जाकर एक्मों से इलाज करने का प्रशिक्षण लिया है। इस उपकरण से वेंिटलेटर पर भर्ती मरीज का कृत्रिम तरीके से फेफड़े का संचालन किया जाता है। यह उपकरण फेफड़े की बीमारियों के इलाज में काफी मदद करता है। इसके सपोर्ट से फेफड़े का कृत्रिम संचालन करते हुए दवाआंे के असर को कारगर बनाते हुए मरीज को आक्सीजन लगातार मिलती रहती है।
उन्होंने बताया कि यह उपकरण केजीएमयू में पहले ही खरीदा जा चुका है। इसकी लागत लगभग 35 लाख रुपये के करीब आता है। उन्होंने बताया कि इसके संचालन के लिए पूरी टीम की आवश्यकता होगी। इसके लिए वर्तमान में स्टाफ नर्स व अन्य टीम को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण लगभग दो महीने तक चलेगा। इसके बाद मरीज का इलाज वेंटिलेटर यूनिट पर इस उपकरण से बीमारी अनुसार किया जाएगा। डा. अविनाश ने बताया कि इस उपकरण का शुल्क अभी तय नहीं हुआ है। शुल्क केजीएमयू प्रशासन तय करेगा आैर लगभग दो महीने में इस उपकरण से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्मों उपकरण का प्रयोग शुरू होने के बाद क्रिटकल केयर यूनिट उच्चस्तरीय हो जाएगा। अभी तक यह उपकरण बड़े चिकित्सा संस्थानों में ही मौजूद है।












