केजीएमयू मंत्री पहुंचे आैर दिया निर्देश शुरू करे आरआईसीयू

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लखनऊ। प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने बुधवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में शताब्दी फेज- दो का अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पर उन्होंने विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया आैर 40 बिस्तरों वाले रेस्पेरेटरी आईसीयू को संचालित करने के निर्देश दिये। यहां पर उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिये कि मरीजों के के हित मेे पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य मानव संसाधन की व्यवस्था करके तत्काल संचालित कि या जाए। इसके अलावा ट्रामा सेंटर का भी निरीक्षण करके कुलपति को आवश्यक दिशा निर्देश दिये आैर कहा कि मरीज के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन आज ट्रामा सेन्टर में पहुंचे आैर यहां पर चिकित्सा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट को दिशा निर्देश दिये। इसके बाद शताब्दी अस्पताल फेज- दो पहुंचे। यहां पर विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए द्वितीय तल पर चल रहे 40 बेड के रेस्पेरेटरी आईसीयू की जानकारी ली आैर उसके संचालन में आ रही दिक्कतों के बारे में पूछा।

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वरिष्ठ डा. वेद प्रकाश ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि आईसीयू के लिए 26 वेन्टीलेटर एवं 14 नॉन इनवेजिव वेन्टीलेटर (बाइपेप) केजीएमयू को पूर्व में ही उपलब्ध करा दिये गये हैं, लेकिन मानव संसाधन जैसे-स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय, सिक अटेण्डेण्ट, स्वीपर, टेक्नीशियन आदि की कमी के कारण इसे क्रियाशील नहीं किया जा सका है। इस पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने केजीएमयू कुलपति प्रो. भट्ट को मानव संसाधन की तत्काल व्यवस्था करते हुए रेस्पेरेटरी आईसीयू को अविलम्ब संचालित करने के निर्देश दे दिये। उन्होंने कहा कि इसके बाद गम्भीर बीमारी से पीड़ित मरीज़ो को इलाज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो एसएन शंखवार, डा. सुमित रूगंटा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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