लखनऊ। प्रदेश में न्यूरोलॉजिकल उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए केजीएमयू में पहली बार **डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS) सर्जरी** सफलतापूर्वक की गई।
यह सर्जरी एक 50 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो पिछले 25 वर्षों से पार्किंसंस रोग से पीड़ित थीं और दवाओं के बावजूद गंभीर मोटर समस्याओं का सामना कर रही थीं। उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से यह उन्नत सर्जरी **27 मार्च को सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
यह जटिल सर्जरी न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी विभागों के संयुक्त प्रयास से की गई, जिसमें निम्न विशेषज्ञों का महत्वपूर्ण योगदान रहा: Dr. Dwarkanath Srinivas, प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी विभाग, NIMHANS, Dr. Vikram Holla, अतिरिक्त प्रोफेसर, न्यूरोलॉजी विभाग, NIMHANS
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केजीएमयू की टीम में शामिल चिकित्सक थे:
डॉ. बी.के. ओझा, डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. हरदीप सिंह मल्होत्रा, डॉ. अनिल चन्द्रा , डॉ. सोमिल जायसवाल, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. मनीष जायसवाल, डॉ. अंकुर बजाज, डॉ. अवधेश यादव एवं डॉ. हनुमान प्रजापति।
कुलपति डॉक्टर सोनिया नित्यानंद ने टीम के सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केजीएमयू द्वारा प्रदेश में उन्नत चिकित्सा सेवा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है तथा पार्किंसंस रोग से ग्रसित मरीजों के लिए अत्याधुनिक उपचार की नई संभावनाएँ खोलती है।












