लखनऊ । किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नौ जनवरी को हुए हंगामे, प्रदर्शन और तोड़फोड़ का विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। चौक कोतवाली में पुलिस 72 घंटे गुजर जाने के बाद भी एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की है। इससे नाराज चिकित्सक शिक्षक, रेजिडेंट्स, नर्सिंग एवं कर्मचारियों की संयुक्त समिति’ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समिति ने पुलिस और प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो कल यानी 13 जनवरी 2026 से ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप कर दी जाएंगी।
आरोप है कि पैथोलॉजी विभाग के एक रेजीडेंट डॉक्टर द्वारा लव जिहाद, धर्मांतरण और केजीएमयू में अवैध नियुक्तियों को लेकर नौ जनवरी को केजीएमयू परिसर में कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। इस दौरान वीसी कार्यालय में महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भी पहुंची थी और केजीएमयू प्रशासन और कुलपति पर प्रकरण में लीपापोती किए आने और आवश्यक कार्यवाही ना किए जाने का गंभीर आरोप लगाया था। इस दौरान मौजूद प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में जय श्रीराम के नारे लगाते हुए जमकर हंगामा किया। आरोप है कि इस दौरान महिला कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ अभद्रता भी की गई। इस घटना के तत्काल बाद केजीएमयू प्रशासन की तरफ से प्रॉक्टर ने चौक कोतवाली में लिखित तहरीर दी थी।
डॉक्टर्स और कर्मचारियों का आक्रोश इस बात पर है कि एक प्रतिष्ठित सरकारी संस्था द्वारा दी गई तहरीर के बावजूद पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है, जबकि घटना को तीन दिन (72 घंटे) बीत चुके हैं। केजीएमयू डा.के के सिंह का कहना है कि रिपोर्ट का दर्ज करने पर सभी में आक्रोश है। जो भी निर्णय होगा सर्वसम्मति से लिया जाएगा।












