लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में विभागों की इंटरनल रैंकिंग को ही होने नहीं देने में वहीं के जिम्मेदारी लापरवाही बरत रहे है। जारी किये गये फार्मेट दो डेड लाइन निकलने के बाद भी नहीं देने पर विभागों को रैकिंग प्रक्रिया से ही बाहर करने की तैयारी चल रही है। दरअसल केजीएमयू में कौन सा विभाग टॉप पर है और कौन सा निचले पैदान पर इसे साबित करने के लिए इंटरनल रैंकिंग करने की घोषणा की गई थी। रैंकिंग के लिए सभी विभागों को एक फॉर्मेट जारी किया गया, जिसे विभागों को भरकर देना था।
केजीएमयू में लगभग 48 विभाग को भेजी गयी रिपोर्ट मंे पहले दस दिसंबर तक विभागों को ब्योरा देने को कहा गया था, जिसके मूल्यांकन के बाद 21 दिसंबर को प्रस्तावित स्थापना दिवस में रैंकिंग जारी की जानी थी। स्थापना दिवस समारोह तो टल गया और सिर्फ 20 विभागों ने ब्योरा भेजा है। इसके बाद 31 दिसंबर तक की तिथि विभागों को दी गई, लेकिन इस दौरान महज चार विभागों ने ब्योरा और भेजा है। केजीएमयू का स्थापना दिवस समारोह जल्द ही होना प्रस्तावित है। ऐसे में अब जिन विभागों ने ब्योरा भेज दिया है, उन्हीं का मूल्यांकन कर उनकी रैंकिंग जारी करने का निर्णय लिया गया है।
केजीएमयू के क्वालिटी कंट्रोल सेल की ओर से सभी विभागों को एक फॉर्मेट दिया गया है।
इसमें विभागों को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिकेशन, रिसर्च, सुविधा, उपब्धियों समेत अन्य जानकारी देनी हैं। इसके बाद विभाग जो ब्योरा भरकर देंगे उसे सेल की ओर से प्रस्तावित एक कमिटी निरीक्षण कर उसकी पुष्टि करेगी। इसके बाद जो सही होगा उसी के आधार जिसकी उपलब्धियां ज्यादा होंगी उसी के आधार उसके रैंकिंग दी जाएगी। डीन क्वालिटी कंट्रोल प्रो दिव्या मेहरोत्रा ने कहा है कि आधे विभागों की ओर से ब्योरा भेज दिया गया है। दो डेडलाइन दी जा चुकी है, इसलिए अब जिनका ब्योरा आ गया है उन्हीं का निरीक्षण कर रैंकिंग जारी कर दी जाएगी।
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