लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नर्स, टेक्नीशियन, तीमारदार सहित सात लोगों को काटने वाला कुत्ता शुक्रवार को यूरोलॉजी विभाग के समीप मरा मिला है।
बताया जाता है कि सबसे ज्यादा लोगों को काटने वाले कुत्ते को कर्मचारियों, तीमारदारों ने पीट- पीट कर मार डाला। फिलहाल केजीएमयू प्रशासन ने कुत्ते को उनके यहां किसी के द्वारा मारने की बात से साफ इनकार किया है। दावा है कि कु त्ता बीमारी कारण से मरा है। केजीएमयू प्रवक्ता का कहना है कि आवारा कुत्तों की शिकायत कई बार नगर निगम से की गयी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
केजीएमयू परिसर में बुधवार की रात को सात लोगों को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। लोगों का कहना था कि झुंड में तो कई कुत्ते थे, लेकिन एक कु त्ता सबसे ज्यादा लोगों को काट रहा था। इसके बाद से केजीएमयू परिसर में कर्मचारियों व तीमारदारों में दहशत का माहौल बन गया। चीफ प्रॉक्टर डॉ. क्षितिज श्रीवास्तव का कहना है कि कुत्ते द्वारा सात लोगों को काटने की शिकायत मिली थी, तुरंत नगर निगम को सूचना दी गई। नगर निगम की टीम पहुंची तो थी पर, टीम कुत्ते को नहीं तलाश नही पायी थी। उसके बाद केजीएमयू के कर्मचारियों को यूरोलॉजी विभाग के पास कुत्ता मरा मिला। जिसे वहां से हटा दिया गया। दावा है कि कुत्ते को किसी ने नहीं मारा। शायद वो अपनी बीमारी की वजह से मर गया है।
इस घटना के बाद केजीएमयू में सुरक्षाकर्मियों बड़ी टीम है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कुत्तों को नहीं भगा पा रहा है।
शुक्रवार को केजीएमयू में रेस्पीरेटरी मेडिसिन, गांधी वार्ड, पीडियाट्रिक सर्जरी, एनाटमी रेडियोलॉजी की गैलरी समेत दूसरे विभागों में कुत्ते आराम से तीमारदारो के समीप बैठे नजर आये। केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि नगर निगम को लगातार सूचना दी जा रही है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। उधर, वार्ड में तैनात डॉक्टर व नर्स का कहना है कि मरीजों की सेवा करें या फिर कुत्तों को भगाएं।