लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन रेजिडेंट डाक्टर बनने की उम्र सीमा बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। इसमें ऐसे डॉक्टर जिनकी उम्र 37 पार कर चुकी है। वह भी केजीएमयू में रेजिडेंट डॉक्टर बन सकते है। केजीएमयू प्रशासन इस प्रस्ताव को केजीएमयू के कार्य परिषद में रखेगा।
केजीएमयू में लगभग 450 चिकित्सक शिक्षक हैं। आंकड़ों के अनुसार लगभग 800 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इसमें जूनियर रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और नॉन पीजी जेआर(पंजीकृत व पंजीकृत) तैनात है। अभी तक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपंजीकृत की भर्ती के लिए अधिकत्तम उम्र की सीमा 37 वर्ष निर्धारित कर दी गयी थी। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) के मानकों के अनुसार अधिकत्तम 45 साल की उम्र तक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर अपंजीकृत की भर्ती की जा सकती है।
अधिकारियों की माने तो पंजीकृत रेजिडेंट की श्रेणी में उन्हें रखा जाता है, जोकि मानक के अनुसार पीजी या सुपर स्पेशियालिटी विषयों में प्रवेश लेकर लेकर अध्ययन करते हैं, जबकि अपंजीकृत में एमबीबीएस उत्तीर्ण डॉक्टर आते है।
केजीएमयू प्रशासन रेजीडेंट डाक्टरों की उम्र बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव 20 जुलाई को केजीएमयू कार्य परिषद में रखेगा। अधिकारियों ने प्रस्ताव के संस्तुति मिलने की उम्मीद जाहिर की है। इसके अलावा केजीएमयू के बाल रोग विभाग में सुपर स्पेशियालिटी स्टडी होगी। इसके लिए विभाग में डीएम इन पीडियाट्रिक स्टडी होगी। बीते दिनों बाल रोग विभाग में पीडियाट्रिक आंकोलॉजी विभाग का विलय हो गया है। डीएम कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव भी कार्यपरिषद में रखा जाएगा।












