लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भले ही स्टेम सेल प्रत्यारोपण करके नया आयाम स्थापित किया जा रहा हो, लेकिन छह वर्षो से प्रस्तावित स्टेम सेल बैंक की स्थापना अभी तक नहीं हो सकी है। शासन में इसका प्रस्ताव फाइलों में ही चल रहा है। के जीएमयू में जटिल बीमारियों से निदान के लिए स्टेम सेल प्रत्यारोपण से लेकर विभिन्न प्रकार के शोध चल रहे है, जिनमें स्टेम सेल का प्रयोग किया जा रहा है। स्टेम सेल को अलग करने के लिए उपकरण तक लगना शुरु हो गये है, लेकिन छह वर्षो से अभी तक स्टेम सेल की स्थापना शासन नहीं कर सका है।
अगर स्टेम सेल की स्थापना हो जाती है तो एमलाइल कार्ड ( गर्भनाल) की कमी क्वीन मेरी अस्पताल में नवजात शिशु के जन्म होने के कारण कम नहीं होगी। लोगों को अपने बच्चे का एमलाइल कार्ड करने के लिए सुरक्षित बैक मिल जाएगा। जहंा पर बच्चे के गंभीर बीमारी होने पर तत्काल स्टेम सेल को इलाज में मदद के लिए दिया जा सकेगा। अगर विशेषज्ञों का मानना है कि स्टेम से काफी मात्रा में होने पर किसी को ब्लड की तरह क्रांस मैच करके दिया जा सकता है। स्टेम सेल बैक की तैयारी पहले की जा चुकी है। क्वीन मेरी अस्पताल के सहयोग से काफी संख्या में स्टेम सेल को रखा जा चुका है। बैक शुरू करने के लिए बजट, मैन पावर व उपकरण की आवश्यकता होती है, पर अभी तक स्टेम सेल बैंक की शुरूआत करके के लिए अभी तक कोई कवायद नही की गयी है।
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