लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में डक्ट से गिर कर मरीज के मौत के मामले में पांचवे दिन भी अभी जांच रिपोर्ट नहीं आ पायी है। बताया जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने की कोशिश में जांच रिपोर्ट फंसी हुई है। इसके अलावा शासन को सफाई देने से पहले अपने बचाने के लिए संस्थान प्रशासन कोशिश कर रहा है। संस्थान में शनिवार को तीसरे तल की डक्ट से मरीज नीचे गिर गया था। गंभीर रूप से घायल मरीज की मौत हो गयी थी। इसके बाद भी डाक्टर ने बिना पोस्टमार्टम के मरीज को परिजनों को देकर भेज दिया था आैर शाम तक मामले को दबाने की कोशिश भी की थी।
शाम को निदेशक डा. दीपक मालवीय ने घटना की जानकारी मिलने पर दो लोगों को तत्काल निलम्बित करने जांच कमेटी गठित कर दिया था। जांच शुरु होने से पहले ही संस्थान प्रशासन की पोल खुलने लगी थी। लोगों का आरोप था कि प्रतिदिन राउंड पर निदेशक व अन्य जिम्मेदार अधिकारी आते है। इसके अलावा पहले ही डक्ट को बंद करने के लिए सम्बधित विभाग को पत्र भी लिखा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पायी थी। लोगों का कहना था कि ज्यादातर फ्लोर पर डक्ट ओपन है बंद नहीं किये गये है। ऐसे में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
संस्थान निदेशक का दावा था कि आज जांच रिपोर्ट मिल जाएगी लेकिन शाम पांच बजकर तीस मिनट तक कमेटी ने रिपोर्ट नहीं सौपी थी। बताया जाता है कि अगर जांच में पारदर्शिता बरती जाती है तो कई जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। ऐसे में संस्थान प्रशासन किसी पर कार्रवाई न करके मामले को पटाक्षेप करना चाहती है।












