लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में बिजली विभाग में अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार के कमरे की जासूसी करने में मिले उपकरण की जांच को दबाने की कवायद शुरु हो गयी है। दो महीने बाद भी अभी तक जांच की कार्रवाई नही हो सकी है। जांच को लम्बा खिंचता देख परेशान अधिशासी अभियंता अखिलेश ने नवनियुक्ति कुलसचिव से दोबारा फरियाद की है। चर्चा है कि केजीएमयू के जिम्मेदार अधिकारियों के द्वारा उदासीनता बरतने पर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है।
बताते चले कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार के कमरे में पहले गोपनीय कैमरा और माइक्रोफोन मिला बिजली की घंटी की मरम्मत करने पर मिली थी। कमरे से निकले तार उनके ही विभाग के अवर अभियंता के कमरे के अंदर तक गये थे। उन्होंने तत्कालीन कुलसचिव से मामले की शिकायत कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियोग्राफी करायी और उसकी सीडी कुलसचिव को जांच के लिए दे दी गयी। शिकायती पत्र में अधिशासी अभियंता ने आरोप लगाया कि उनके विभाग अवर अभियंता एसपी सिंह ने जासूसी कराने के लिए कमरे में गोपनीय कैमरा लगवाया था। इस पर कुलसचिव ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्रवाई की बजाये पहले अवर अभियंता को नोटिस जारी कर दी। अवर अभियंता ने कुलसचिव को नोटिस के जवाब में कहा उनका इस प्रकरण से कोई वास्ता नहीं है।
किसी ने जानबूझकर इस तरह की हरकत की है। कुलसचिव ने दूसरे प्रभारी अधिशासी अभियंता दिनेश राज को मामले की जांच का निर्देश दिया, लेकिन दो महीने बाद बीत जाने के बाद भी अभी तक इस मामले में रिपोर्ट नहीं आई है। इस पर अधिशासी अभियंता ने दोबारा क ुलसचिव से शिकायत की है। अधिशासी अभियंता अखिलेश कुमार ने बताया कि कुलसचिव का स्थानांतरण हो गया था। नवागत कुलसचिव से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है। उनका आरोप है कि प्रकरण में जानबूझ कर देरी की जा रही है। ऐसी स्थिति में संभव हो तो किसी अन्य जिम्मेदार अधिकारी से जांच कराई जाए।
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