जच्चा-बच्चा की मृत्यु दर कम करने के लिए प्रशिक्षण आवश्यक

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द एम्पल न्यूज। केजीएमयू के आईटीसी के तत्वावधान में अमेरिकन अकादमी ऑफ फैमिली फिजीशियन ने एडवांस लाइफ सपोर्ट कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशााला में केजीएमयू के कुलपति प्रो रवि कांत मुख्य अतिथि ने कहा कि उनके पाठ्यक्रम समाज के उपयोगी है। आईटीसी की डायरेक्टर प्रो रजनी गुप्ता ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गर्भवस्था के दौरान कार्डिएक अरेस्ट आने पर जच्चा और बच्चा की मृत्यु दर को कम करना है।

गर्भावस्था के दौरान कार्डिएक अरेस्ट की वजह से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके –

कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो विनीता दास ने कहा कि स्नातक छात्रों को एलएसओ का प्रशिक्षण देंगे जिससे गर्भावस्था के दौरान कार्डिएक अरेस्ट की वजह से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम किया जा सके। कार्यक्रम में संस्थान के कुलपति प्रो रवि कांत जी ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपने स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमो के प्रारूप को इस प्रकार तैयार करते है कि वह समाज के लिए उपयोगी हो। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि छात्रों को इस प्रकार से प्रशिक्षित करें कि वह समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हों और उन्हें दिनचर्या में होने वाले स्वास्थ्य सबंधी समस्याओं के इलाज में पारंगत होना पड़ेगा।

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इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज विभिन्न अस्पताल हमारे यहां नार्मल प्रसूति के केसों को भी रेफर कर देते हैं इसका सबसे बड़ा कारण है कि  चिकित्सा शिक्षा संस्थानो में स्नातक छात्रों को जो प्रशिक्षण दिया जा रहा है । कार्यक्रम मे प्रो आशुतोष कुमार, अधिष्ठाता चिकित्सा संकाय, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, प्रो विनोद जैन, अधिष्ठाता पैरामेडिकल संकाय, प्रो बीना रवि, प्रो राजीव भाटीया समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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