लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ओरल मैक्सिलो फेशियल सर्जरी विभाग के वरिष्ठ सर्जन डा. यू एस पाल ने जबड़े में 23 सेमी का ट¬ूमर निकाल कर महिला मरीज को नया जीवन दिया है। सर्जन डा. पाल के अनुसार इतनी बड़ी साइज का ट¬ूमर जबड़े से पहली बार निकाला गया है। आर्थिक स्थिति सही न होने के कारण यह महिला जबड़े व गले में सूजन मान कर स्थानीय डाक्टर से दवा ले रही थी। जब बढ़ते ट्यूमर के कारण महिला को सांस लेने में दिक्कत हुई तो उसे यहां रेफर किया गया।
डा. यूएस पाल ने बताया कि कुशीनगर निवासी चालीस वर्षीय संगीता देवी को कुछ महीने पहले जबड़े के लेफ्ट साइज में सूजन के साथ दर्द बनी हुई थी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह स्थानीय डाक्टर से इलाज करा रही थी, लेकिन उसके सूजन लगातार बढ़ती जा रही थी। कुछ दिनों पहले उसके जबड़े में सूजन के साथ भी बढ़ने लगी आैर उसे सांस लेने में दिक्कत भी होने लगी, तो स्थानीय डाक्टरों ने केजीएमयू के सर्जरी विभाग रेफर कर दिया। यहां पर ओपीडी में दिखाने के बाद जनरल सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने बायोप्सी करायी तो जबड़े में ट्यूमर होने की जानकारी मिली। सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने मरीज को डेंटल यूनिट के मैक्सिलोफेशियल विभाग रेफर कर दिया। यहां पर डा. यूएस पाल ने महिला मरीज की जांच के बाद देखा तो ट्यूमर का साइज बड़ा लगा।

उन्होंने डा. आर के सिंह के साथ सर्जरी करने का निर्णय लिया। डा. पाल ने बताया कि सर्जरी के दौरान जबड़े में लगभग 23 सेमी का ट्यूमर बढ़ता हुआ गले की नर्व को दबा रहा था, जिससे सूजन बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत होने लगी। डा. पाल ने बताया कि लगातार 23 सेमी का जबड़े में ट्यूमर अपने कैरियर में पहली बार देखा है। मरीज की कुछ दिन बाद दिक्कत बढ़ सकती थी। सर्जरी के बाद उसकी हालत सामान्य हो रही है। उन्होंने बताया कि उनके साथ टीम में डा. आर के सिंह के अलावा एनेस्थिसिया डा. सतीश के साथ सिस्टर माया राजपूत थी।
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