मशहूर हॉलीवुड एक्ट्रेस एंजेलिना जॉली ने जब यह स्वीकार किया था कि उन्हें स्तन कैंसर है, इसके बाद ही महिलाओं में इसे लेकर जागरूकता फैली थी। यह भी मानना है कि शायद यह एंजेलिना के इस बारे में खुलकर बोलने का ही नतीजा है कि महिलाएं स्तर कैंसर की जांच कराने के लिए प्रेरित हुर्इं।
एक नए अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2003 से 2014 के बीच स्तन कैंसर के लिए जिम्मेदार बीआरसीए जीन की जांच में 80 गुना वृद्धि हुई। अमेरिका में जॉर्जिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2013 में एंजेलिना ने जब यह खुलासा किया था तो इसकी जांच में तेजी से वृद्धि हुई थी।
स्तर कैंसर (बीआरसीए) जीन जांच बीआरसीए1 आैर बीआरसीए2 नाम के जीन में बदलावों के लिए की जाने वाली खून की जांच है। इस जांच में यह पता लगाया जाता है कि महिला को स्तन कैंसर आैर गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा है या नहीं। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन 11 वर्षों के दौरान बीआरसीए जांच में 80 गुना इजाफा हुआ आैर सबसे ज्यादा जांच वर्ष 2013 में हुई।
इसी साल हॉलीवुड अभिनेत्री एंजेलिना जॉली का बीआरसीए जीन जांच को बढ़ावा देने के लिए द न्यूयॉर्क टाइम्स में एक लेख प्रकाशित हुआ था। यही नही इंडिया में अब महिलाएं स्तन कैंसर की ओर जागरूक हो रही है, लेकिन अभी यह शहरी क्षेत्र में देखा जाता है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को जागरूक करना आवश्यक है।












