लखनऊ। बेरियाट्रिक सर्जरी से डायबिटीज से पीड़ित मरीज को राहत मिल सकती है। इस सर्जरी के बाद मरीज को बार-बार इंसुलिन लेने की आवश्यकता भी नहीं होती है। इस सर्जरी से मोटापे पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह दावा अहमदाबाद के वरिष्ठ बेरिएट्रिक सर्जन डॉ. महेंद्र नरवारिया ने बुधवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग के स्थापना दिवस के अवसर पर चल रही आयोजित काफ्रेंस के दूसरे दिन दी। उन्होंने बताया कि इस सर्जरी से मरीज का ब्लड प्रेशर, कॉलेस्ट्रॉल, स्लीप एपनिया,जोड़ों का दर्द व कार्डियक आदि बीमारियों भी नियंत्रण में आ सकती है। इस सर्जरी के जरिए इंसुलिन को प्राकृतिक तरीके से नियंत्रित कर दिया जाता है। जिससे ऊपर से इंसुलिन लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
कार्यक्रम में टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल मुंबई की डॉक्टर प्रो. सविता जिवनानी से बताया कि आहार नली का कैंसर तीसरे व चौथे स्टेज में पकड़ में आता है। कोई शुरूआती लक्षण न होने से इसका पता नहीं लग पाता। इसमें पानी न पी पाने, खाना निगलने में मुश्किल होने जैसे लक्षण उभरते हैं, लेकिन अब एंडोस्कोपी तकनीक के जरिए महज 5 मिमी के छाती, पेट व गले में छेद कर के आसानी से सर्जरी संभव है।
कार्यक्रम में जीबी पंत अस्पताल नई दिल्ली से रिटायर्ड व मैक्स अस्पताल के प्रो. पीके मिश्रा ने बताया कि पेट का कैंसर विश्व का तीसरा जानलेवा कैंसर है। उन्होंने बताया कि पेट में दर्द, भूख न लगने, सामान्य दवा से उल्टी न रूकना,मल काला होने को लोग गैस व पेट खराब होने की समस्या समझ कर गंभीरता से नहीं लेते, यह लक्षण पेट के कैंसर के भी होते हैं। इसके लिए लक्षण मिलने पर तत्काल विशेषज्ञ से इलाज कराना चाहिए।
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