लखनऊ। प्रयोगशाला सहायक ग्राम्य की नियम विरुद्ध प्रदेश के ब्लड बैंक और जिला अस्पतालों में तैनाती किस आधार पर क्यों दी गई। स्वास्थ्य महकमे के आला अफसर स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे। वे मामले में कार्यवाही करने की बात कहकर एक दूसरे को जवाब देह बताकर अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं। हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे ने शुक्रवार को राजधानी के अस्पतालों से संबंधित कर्मचारियों को हटाने का निर्देश जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य महकमे का यह निर्देश उन अफसरों की कारसतानियों पर कितना असर डालेगा, यह तो बाद में मालूम चलेगा। फिलहाल शुक्रवार को सिविल में तैनात कर्मियों समेत राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में तैनात कुल 10 प्रयोगशाला सहायक ग्रा य डयूटी पर नहीं पहुंचे। फिलहाल प्रदेश के देवरिया, गोरखपुर, समेत अन्य जनपदों में स्वास्थ्य महकमें आदेश का अभी तक कोई असर नहीं है। वहां अभी भी कर्मचारी पहले की तरह काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष जनवरी माह में करीब 150 प्रयोगशाला सहायक ग्रा य की नियुक्ति करके स्वास्थ्य विभाग ने नियम कानून को ताक पर रखकर इनकी तैनाती जिला मु यालय के अस्पताल व ब्लड बैंक में कर दी थी। जो कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट-1940 के विरूद्घ व स्वास्थ्य विभाग महानिदेशालय के पत्रांक सं या सी.217576 दि.1-1-2000 द्वारा निर्धारित योग्यता के विपरीत है।
बावजूद इसके तत्कालीन महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. पीके कुरील ने इन कर्मचारियों को तैनाती दे दी थी। खबर को को संज्ञान में लेते हुए मौजूदा महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. पदमाकर सिंह ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से प्रयोगशाला सहायकों को हटाने का निर्देश दिया है।