अनिद्रा और मधुमेह ले सकते हैं मानसिक विकार का रूप

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लखनऊ – “अनिद्रा और मधुमेह जैसे जीवनशैली की बीमारियों को शुरुआत में बहुत हल्के ढंग से लिया जाता है और कुछ समय बाद वे मानसिक विकार तक पहुंच जाते हैं और लोगों को मनोचिकित्सकों से परामर्श करना पड़ता है”। यह बातें मनोचिकित्सक डॉक्टर मलय कांत ने अपने नए क्लीनिक के उद्घाटन पर कहीं. कांत ब्रेन सेंटर का नया क्लिनिक विकास नगर में खुला. इससे पूर्व पिछले १२ वर्षो से कुर्सी रोड अलीगंज पर स्थित था.

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शहर के अत्याधुनिक क्लिनिक का उद्घाटन डॉ  मलय कांत के छह मरीजों (दो बच्चे और चार वयस्क) द्वारा किया गया. डॉक्टर मलय कांत ने कहा कि “मेरे मरीज़ मेरे लिए सेलिब्रिटी हैं इसलिए मैंने उनसे अनुरोध किया कि वे मेरे नए क्लिनिक का उद्घाटन करें. जहां से मैं लोगों की सेवा कर सकूँ.

उद्घाटन के मौके पर डॉ  मलय कांत ने कहा कि मानसिक विकार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक अभियान की आवश्यकता है लोग इसे खास महत्त्व नहीं देते है, और मनोचिकित्सक के पास  नहीं जाते क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सिर्फ जीवन शैली  से सम्बंधित समस्या है जिसके फलस्वरूप कुछ समय बाद यह एक बड़ी समस्या बन के उभरती है.

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