नीडिल स्टिक इंजरी प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम में ठीक हुए संक्रमित हेल्थवर्कर

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मरीजों के इलाज में 23 स्वास्थ्यकर्मी हो गये थे नीडिल स्टिक इंजरी का शिकार

 

 

 

 

 

लखनऊ। एसजीपीजीआई में दो महीने के अंदर 23 स्वास्थ्य कर्मियों को गंभीर बीमारी के संक्रमण के चपेट में आने से बचा लिया गया है। गंभीर मरीजों के इलाज के दौरान इंजेक्शन से दवा देने के दौरान इन स्वास्थ्यकर्मियों को नीडिल स्टिक इंजरी हो गयी थी। इनमें कई स्वास्थ्यकर्मी तो हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का इलाज कर रहे थे, फिलहाल इन सभी स्वास्थ्यकर्मिंयो गंभीर बीमारियों के संक्रमण से बचा लिया गया हैं। इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों के स्वास्थ्य को संस्थान में शुरू हुये नीडिल स्टिक इंजरी प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम के कारण हो सकी है।

 

 

 

लगभग दो महीने पहले एसजीपीजीआई में नीडिल स्टिक इंजरी (एनएसआई) का स्वास्थ्य कर्मियों के जीवन रक्षा के लिए निडिल स्टिक इंजरी प्रिवेंशन एंड कंट्रोल प्रोग्राम शुरू किया गया। प्रशासन विभाग ने इसे पायलट मोड में कार्यक्रम चलाया। अस्पताल संक्रमण नियंत्रण प्रकोष्ठ, माइक्रोबायोलॉजी और गैस्ट्रोमेडिसिन विभाग के संयुक्त प्रयास से बृहस्पतिवार से इस कार्यक्रम को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है।

 

 

 

 

 

एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभाग प्रमुख प्रो.राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि मरीजों को इलाज देने की प्रक्रिया में दवाइयां देना महत्वपूर्ण कार्य हैं। इस दौरान कुछ दवाइयां इंजेक्शन के माध्यम से दी जाती है। ऐसे में कई बार अनजाने में सूई (नीडिल)फार्मासिस्ट और नर्स को चुभ जाती है। जिससे उन्हें संक्रमण का बड़ा खतरा हो सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एचआईवी,हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित मरीज भी होते हैं जिसमें से बहुत बार मरीजों के बारे में जानकारी होती है तो पूरी सावधनी बरती जाती है,बहुत बार अनजाने में इलाज किया जाता है। इस दौरान होने वाले संक्रमण के खतरे को देखते हुए समाप्त करने के लिए एसजीपीजीआई में एक सेंट्रल कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इस कंट्रोल रूम में 24 घंटे डाक्टर की तैनाती रहती है। मरीज का इलाज करते समय यदि किसी भी स्वास्थ्य कर्मी को नीडिल लग गयी, तो तत्काल सेंट्रल कंट्रोल रूम में तैनात डाक्टर इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इलाज मुहैया करा रहा है। डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि इस कार्य में गैस्ट्रोमेडिसिन विभाग के डॉ.अमित गोयल,माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ.ऋचा मिश्रा और अस्पताल प्रशासन विभाग के डॉ.विनय पाठक अहम भूमिका निभा रहे हैं।

 

 

 

 

एसजीपीजीआई स्थित मिनी आडिटोरियम में आज को विश्व एड्स दिवस के अवसर पर निडिल स्टिक इंजरी जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें से चिकित्सक,नर्सिंग ऑफिसर,फार्मासिस्ट समेत सभी स्वास्थ्य कर्मियों को मरीज के इलाज में निडिल स्टिक इंजरी से बचाव के तरीके बताये गये। इस अवसर पर एसजीपीजीआई के निदेशक प्रो.आरके धीमान,सीएमएस डॉ.गौरव अग्रवाल और अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.राजेश हर्षवर्धन उपस्थित रहे।

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