लखनऊ। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के प्रो. सतेन्द्र सोनकर ने बताया कि मरीज के बेहतर इलाज में जांचों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समय पर बीमारी की पहचान के लिए सही डाइग्नोसिस के लिए टेस्ट (जांच) की भूमिका महत्वपूर्ण है। जांचों के आधार पर ही मरीज की डाइग्नोसिस बनती है। ऐसे में सटीक जांच होना बहुत ही आवश्यक होता है, इसके आधार पर ही मरीज का इलाज बेहतर हो सकता है। प्रो. सोनकर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय पीजी मेडिसिन अपडेट सीएमई का रविवार को समापन कार्यक्रम में सम्बोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर आयोजित क्विज कंपटीशन में सबसे ज्यादा मेडल केजीएमयू के मेडिसिन विभाग को मिला है। इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार केजीएमयू के डॉ.रजत और बरेली के डॉ. अमनदीप को मिला है। वहीं द्धितीय पुरस्कार केजीएमयू के डॉ.नमन और डॉ. किशलय को मिला है। एपीआई (यूपी चैप्टर और लखनऊ चैप्टर) के तत्वावधान में केजीएमयू के मेडिसिन विभाग की तरफ से शनिवार को दो दिवसीय पीजी मेडिसिन अपडेट सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (सीएमई) का आयोजन किया गया था। प्रो. सोनकर ने कहा कि जांच हमेशा सही पैथालाजी या डायग्नोस्टिक सेंटर पर कराना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रो. मनोज और प्रो. अनित परिहार ने पीजी स्टूडेंट्स को बेहतर इलाज के लिए डाइग्नोसिस के महत्व की जानकारी देते हुये गुणवत्तापूर्ण डाइग्नोसिस बनाने की विधा भी बताई।
मेडिसिन विभाग की डॉ.मेधावी गौतम ने बताया कि जल्द ही एक एमआरआई मशीन केजीएमयू में लगाई जायेगी। यह मशीन पहले लगी मशीन से बेहतर जांच परिणाम देगी। 3.0 टेस्ला अत्याधुनिक मशीन है। इसको लगाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।