किडनी फेल्योर में होम्योपैथी कारगर, परन्तु जागरुकता जरूरी

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लखनऊ। किडनी फेलियर आैर किडनी सम्बधी समस्याओं के प्रति जागरूकता के लिए रथ यात्रा अभियान बुधवार को समाप्त हो गया। जागरूकता अभियान ह्यूमन असिस्टेंस फाउंडेशन के तहत चलाया गया। इसके तहत लोगों को किडनी की बीमारियों आैर लक्षण के बारे में बताया गया आैर खानपान दुरुस्त करने का परामर्श दिया गया। समापन से पहले रथ यात्रा में शामिल होम्योपैथी डाक्टरों व अन्य स्वास्थ्य कर्मी डिप्टी सीएम ब्राजेश पाठक से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की आैर अभियान के प्रति लोग लोगों को जागरूकता अभियान व दी जाने सुविधाओं के बारे में अवगत कराया।

 

 

जागरूकता अभियान की संयोजक डा. लुबना कमाल ने पत्रकार वार्ता मे बताया कि किडनी के प्रति जागरूकता रथ यात्रा का शुभारम्भ 21 मार्च को आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा के आवास से किया गया। अभियान राजधानी में अलग- अलग दिन विभिन्न क्षेत्रों में गया। जहां पर सम्मानित लोगों ने सहयोग दिया।

 

 

 

 

 

अभियान बलरामपुर अस्पताल, केजीएमयू सहित विभिन्न अस्पतालों के बाहर लोगों को किडनी की बीमारियों के प्रति जागरूक किया। पांच अप्रैल को यात्रा का समापन डिप्टी सीएम ब्राजेश पाठक के द्वारा किया गया। यहां पर डिप्टी सीएम को होम्योपैथी दवाओं से किडनी के इलाज के बारे में जानकारी दी गयी आैर अभियान के बारे में बताया गया। डा. लुबना ने बताया कि डिप्टी सीएम को होम्योपैथी से कैसे लोगों की जान बचायी जा सकती है। उन्होंने कहा कि किडनी ट्रांस प्लांट व डायलिसिस के लिए जो राशि दी जा रही है। उसमें सौ रुपये में छोटी सी जांच से किडनी की जांच की जा सकती है। उन्होंने बताया कि होम्योपैथी की दवाओं से मरीज की किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है। इसके अलावा सही इलाज से डायलिसिस से भी रोका जा सकता है। इससे हजारों लोगों को फायदा पहुंचा है। डा. अमित ने होम्योपैथी दवाओं से किडनी को क्योर किया जा सकता है।

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