मुख कैंसर युवाओं को ले रहा चपेट में : डा. यूएस पाल

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लखनऊ। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर केजीएमयू में धनवंतरी केंद्र व इंडियन कैंसर सोसइटी के सयुक्त तत्वाधान में एक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्रो. ए. के सिंह कुलपति अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय तथा डॉ शैलेंद्र कुमार विभागाध्यक्ष थोरेसिक सर्जरी ने भाग लिया। डा. शैलेद्र ने कैंसर से बचने के उपायों एव पान मसाला, तम्बाकू, बीड़ी, सिगरेट को कैसे छोड़ा जाए उपस्थिति जनमानस में समझाया । डॉ एस. एन शंखवार मुख्य चिकित्सा अध्यक्ष प्रोस्टेट कैंसर एवं मूत्राशय में होने वाली बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ यूएस पाल सचिव इंडियन कैंसर सोसायटी ने मुख कैंसर के बारे में लोगों को बताया तथा ओएसएमएफ एवं अन्य मुंह की बीमारियां को कि कैंसर में तब्दील हो सकती है । उनका इलाज़ कैसे कराया जाए एवं उनको कैंसर में बदलने से कैसे रोका जाए । डॉ गौरव सिंह ने भी मुख कैंसर की भयावाह स्थिति से बचने के तरीकों पर चर्चा की।
उधर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. एमएलबी भट्ट ने बृहस्पतिवार को रेडियोथेरेपी विभाग द्वारा विश्व कैंसर जागरुकता दिवस कार्यक्रम में कहा कि भारत में हर साल 15 लाख लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। इनमें लगभग साढ़े सात लाख मरीजों की मौत हो रही है। कैंसर के इलाज की व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए मेडिकल आंकोलॉजी और सर्जिकल आंकोलॉजी की सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत है। महिलाएं समय-समय पर स्तन की खुद की जांच कर सकते हैं। 40 साल से ऊपर के व्यक्ति नियमित खून की जांच करा सकते हैं। बच्चेदानी के मुंह के कैंसर से बचने के लिए महिलाएं एचपीवी वैक्सीन लगवा सकती हैं। लिवर कैंसर से बचने के लिए हेपेटाइटिस का टीका लगवा सकते हैं। कैंसर से बचाव ही असली लड़ाई है।
केजीएमयू हिमेटोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एके त्रिपाठी का कहना है कि टमाटर, केला, पपीता, सेब, अमरूद, आंवला, गाजर, पालक, बथुआ, लौकी, तोरई आदि का सेवन फायदेमंद हैं। रोजाना कम से कम पांच रंग के फल और सब्जियां का सेवन करना चाहिए। इससे एंटीऑक्सीडेंट मिलता है। स्कूली पाठ्यक्रम में कैंसर के बारे में पाठ को शामिल किया जाए।
केजीएमयू रेडियोथेरेपी विभाग के डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का खतरा बढ़ता है। कसरत करने से प्रोटीन बनता है। जो प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि भारत में 149 पैलेटिव केयर सेन्टर हैं। इसके अलावा विश्व कैंसर दिवस पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जॉर्जियन एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा छात्र/छात्राओं की कैंसर के प्रति सोच को रेखांकित करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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