सिजेरियन से नहीं नार्मल प्रसव कराने के होगा यह फायदा

0
511

 

 

 

 

 

लखनऊ । संजय गांधी पी जी आई में सम्मेलन के दूसरे दिन आज “मिडवाइफ लेड केयर यूनिट पर व्याख्यान प्रथम सत्र का आयोजन किया गया। सत्र की अध्यक्षता कमान अस्पताल लखनऊ की प्राचार्या कर्नल एस गीता रमेश ने की। सत्र के दौरान सुश्री इंदरजीत कौर, फर्नांडीज फाउंडेशन ने मिडवाइफ लेड केयर यूनिट की अवधारणा को समझाया।
द्वितीय सत्र में “भारत में दाई कौन है?पहचान, अवधारणा और प्रथाये ” का संचालन डॉ. स्मृतिकाना मणि, सेवानिवृत्त नर्सिंग निदेशक ने किया। सत्र के पैनलिस्ट भारत के विभिन्न हिस्सों, जिनमें केरल, तेलंगाना और झारखंड शामिल है।

 

 

 

 

 

 

तृतीय सत्र में”नर्स प्रैक्टिशनर इन मिडवाइव्स (एनपीएम)” पर था। सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ जस्सू पाटीदार, पूर्व रजिस्ट्रार, गुजरात नर्सिंग काउंसिल ने की। सत्र के दौरान, वक्ताओं ने एनपीएम के लिए संवर्ग निर्माण, भूमिका, प्रोटोकॉल और अभ्यास दिशानिर्देशों पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने भारत के अस्पतालों में एन पी एम मॉडल के कार्यान्वयन में आने वाली समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने प्राकृतिक बर्थिंग नेचरल बिरेथिग के मिडवाइफ मॉडल की वकालत की और इसके कार्यान्वयन के लिए रणनीतियों पर भी चर्चा की।

 

 

 

संत्र के अंत में, मिडवाइफ प्रथाओं, प्रसवोत्तर प्रक्रिया, भारत में जटिल
प्रक्रियाओं के प्रबंधन के अनुभव से संबंधित चार समवर्ती सत्र आयोजित किए गए थे। सत्र के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अभ्यास और शोध प्रस्तुति का अपना मॉडल प्रस्तुत किया।
लो बर्थ बेबी पर प्रसवोत्तर माताओं की चिंता, स्तनपान के योगदान कारक और इसके अनुपालन के लिए आने वाली बाधाएं, तृतीयक के अस्पतालों में दाइयों के नेतृत्व वाली इकाई का प्रभाव, प्रसव के दौरान उच्च रक्तचाप, माताओं में स्तनपान की स्थापना, पंजीकृत दाई का अनुभव, समय से पहले जन्मे बच्चे और श्वसन संकट, फ्लिप ब्रीच से सेफेलिक प्रेजेंटेशन मे मिडवाइफरी भूमिका, लेबर रूम का अभ्यास आदि जटिलताओं पर शोध पत्र प्रस्तुत किये गये। इन सत्रों की अध्यक्षता सुश्री रूपश्री, आईजीआईएमएस, बिहार और ब्रिगेडियर आर. जयंती, कमान्ड अस्पताल ने की।

Previous articleमहिलाओं में निजी अंगों की यह सर्जरी कराने का चलन बढ़ा
Next articleइन सब के कारण किडनी में शुरू होती है दिक्कतें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here