स्वास्थ्य कर्मियों ने घेरा महानिदेशालय, तबादले नहीं रुके तो होगा बड़ा आंदोलन

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लखनऊ। चिकित्सा विभाग में हुए बड़े पैमाने पर नीति विरूद्ध स्थानान्तरण को निरस्त करने की माॅग को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उप्र के नेतृत्व में आज स्थास्थ्य महानिदेशालय पर जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन को लेकर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शन में पदाधिकारियों ने एक दिवसीय धरना देकर अगले आन्देालन की घोषणा कर दी गई।

 

 

 

 

 

 

 

घोषणा में कहा गया कि स्थानान्तरण निरस्त ना होने पर 21 से 23 जुलाई 2022 तक सभी राज्य कर्मी काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 25 जुलाई को सभी जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालयों पर धरना और 26 से 30 जुलाई तक दो घंटे कार्य बहिष्कार किया जायेगा।

 

 

 

 

 

आज स्वास्थ्य महानिदेशालय पर प्रदेश भर के स्वास्थ्य कर्मचारी परिषद के आह्वान पर सुबह से ही एकत्र होने लगे, हजारों की संख्या में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने महानिदेशालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए अनियमित स्थानान्तरण निरस्त करने की माॅग की। धरने की अध्यक्षता परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश रावत ने की।
परिषद के समर्थन में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी मिश्रा ने भी धरने को सम्बोधित किया और कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारी शासन की स्थानान्तरण नीति का पालन नही ंकर रहे, बल्कि मनमानी तरीके से मान्यता प्राप्त संघों के अध्यक्ष/मंत्री, दाम्पत्य नीति, दिव्यांग, दिव्यांग आश्रित 2 वर्ष से कम अवधि में सेवानिवृत्त होने वाले कार्मियों का भी स्थानान्तरण कर दिया गया है, जबकि स्थानान्तरण नीति में इनको स्थानान्तरण से मुक्त रखने के निर्देश है।

कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा के महासचिव शशि मिश्र ने कहा कि नीति के अनुसार समूह ग के कर्मियों का केवल पटल/परिवर्तन किया जाना था, लगभग सभी जनपदों में 80 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का पटल/परिवर्तन कर दिया गया। परन्तु उन्हीं कर्मचारियों का बाद में स्वास्थ्य महानिदेशालय से अन्य जनपद स्थानान्तरण कर दिया गया।
स्थानान्तरण में अनेक पदाधिकारी, दिव्यांग, दिव्यांग आश्रित, दाम्पत्यय नीति, गंभीर रूप से बीमार, 02 वर्ष से कम समय में सेवानिवृत्ति होने वाले कर्मियों को भी नहीं छोड़ा गया, जबकि स्थानान्तरण नीति में इन्हें मुक्त रखे जाने के निर्देश है।
परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि अनियमित स्थानान्तरण की साक्ष्यों सहित जानकारी उपलब्ध कराने के बावजूद महानिदेशालय द्वारा त्रुटिपूर्ण स्थानान्तरण निरस्त करने में हीलाहवाली की जा रही है साथ ही जनपदों के अधिकारियों को स्थानान्तरित कार्मियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी किए जा रहे है, जिससे स्थिति विपरीत हो रही है।
प्रदेश के कर्मचारी शासन की कर्मचारी विरोधी नीति से अत्यन्त व्याथित है, परिणामस्वरूप आज कर्मचारियों का सैलाब लखनऊ आकर अगले आन्दोलन की रूपरेखा का प्रस्ताव पारित कर दिया हैं।

धरने को मुख्य रूप से संगठन प्रमुख केकेसचान, परिषद वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश मिश्रा, डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसो. के अध्यक्ष एव ंचेयरमैन संघर्ष समिति संदीप बडोला व प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव, DPA महामंत्री उमेश मिश्रा डा. पीके सिंह सचिव, श्री राम मनोहर कुशवाहा अध्यक्ष, प्रदीप कुमार महामंत्री, यूपी एक्स-रे टेक्नी एसो. राजीव तिवारी महामंत्री, डीडी त्रिपाठी अध्यक्ष, डेन्टल हाइजिनिस्ट एसो, उप्र जीएम सिंह अध्यक्ष, अनुराग मिश्रा महामंत्री, राजकीय आप्टोमैट्रिष्ट, विपिन त्यागी अध्यक्ष, राजकीय मेडिकल कालेज कर्मचारी महासंघ, बीना त्रिपाठी अध्यक्ष राजकीय नर्सेज संघ चिकित्सा शिक्षा , अनिल कुमार महामंत्री प्रोवेन्सियल फिजियोथेरेपिस्ट एसो उप्र, आशीष पाण्डे महामंत्री फारेस्ट मिनिस्टिरियल एसो0,भानू राय अध्यक्ष, डार्क रूम सहायक संघ, धनन्जय तिवारी अध्यक्ष बेसिक हेल्थ वर्कर एसो उप्र, वाराणसी के अध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह, आनन्द मिश्रा उपमहामंत्री पूर्वी परिषद, सुभाष श्रीवास्तव अध्यक्ष, संजय पाण्डे मंत्री लखनऊ जनपद, सुनील यादव मीडिया प्रभारी, अजय पाण्डे, कमल श्रीवास्तव, राजेश चैधरी मण्डलीय मंत्री, डीके सिंह गोरखपुर मंत्री, एसएन शुक्ला बस्ती, अनिल निरन्जन झांसी आदि पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थिति रहे।

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