राजधानी में अस्पताल सहित विभिन्न स्थानों पर लगे है लगभग 100 एटीएम
खनऊ। राजधानी में अस्पतालों व अन्य स्थानों पर लगाये गये हेल्थ एटीएम पूरी तरह से क्रियाशील नहीं हो पा रहे हैं। छह महीने गुजरने के बाद भी हेल्थ एटीएम में विभिन्न ब्लड टेस्ट शुरू नहीं हो पा रही है। मरीजों को जांच के लिए निजी पैथालॉजी ही जाना पड़ रहा है। इन एटीएम पर बेसिक जांच की सुविधा तो मौजूद है। खास बात यह है पीजीआई की तर्ज पर इन एटीएम पर जांच शुरू किया जाना प्रस्तावित था। जो भी अभी तक नहीं शुरू हो सका। हालांकि तैनात कर्मियों का वेतन , बिजली बिल व मरम्मत के नाम पर हर महीनें लाखों रुपए खर्च कि ये जा रहे है।
राजधानी में अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर लोगों की सुविधा के लिए लगभग 100 हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इनमें 75 हेल्थ एटीएम पर स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है। स्वास्थ्य कर्मी आने वाले मरीजों की ब्लड प्रेशर, माप, वजन सहित अन्य सामान्य जांच कर रहे हैं। बताते चले कि बीते वर्ष अक्टूबर महीने में हेल्थ एटीएम लगने लगे थे। इन हेल्थ एटीएम टेली कंसलटेंसी की भी सुविधा भी मौजूद है। कहा गया था कि इन सेंटरो पर ब्लड की जांच भी शुरू की जाएगी, लेकिन लापरवाही कही जाए या उदासीनता छह महीने गुजरने के बाद भी कही पर भी ब्लड टेस्ट से शुरू हो सके है। जब कि निर्धारित किया गया था कि एटीएम पर ब्लड से जुड़ी जांच शुल्क पीजीआई के तर्ज लिया जाएगा।
ब्लड जांच के लिए किट समेत अन्य सामान की व्यवस्था कर ली गयी। इन हेल्थ एटीएम पर प्रति माह लाखों रुपए खर्च हो रहे हैं। फिर भी मरीजों को दावों के अनुसार रिजल्ट नहीं मिल पा रहा है। अगर देखा जाए तो हेल्थ एटीएम पर तैनात नर्सिंग स्टॉफ को 15 हजार रुपए वेतन, बिजली बिल व मरम्मत के नाम पर करीब 20-25 हजार रुपए प्रति माह खर्च हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक 75 हेल्थ एटीएम पर छह महीने में एक करोड़ रूपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। पीजीआई निदेशक प्रो. आरके धीमान का दावा है कि हेल्थ एटीएम पर ब्लड से जुड़ी जांच शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। अगले माह तक ब्लड शुरू होने की पखून से जुड़ी जांच शुरू हो जाएगी।












