लखनऊ। दीपक कुमार की कप्तानी में बेखौफ डकैत राजधानी के पॉश इलाकों में धड़ल्ले से बैटिंक कर रहे हैं। अभी पीजीआई में दम्पति को लहूलुहान करके लाखों की डकैती को 48 घंटे भी नहीं बीते थे कि आधा दर्जन बेखौफ बदमाशों ने गोमतीनगर के विवेकखंड में बिजली विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर के घर धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर में मौजूद रिटायर्ड इंजीनियर, उनकी पत्नी, बेटे व बहू को लोहे की रॉड से हमला कर लहूलुहान कर दिया। फिर हाथ पैर बांध कर लाखों की नगदी व गहने लूट कर फरार हो गए।
सूचना पर एसएसपी, एएसपी नार्थ, सीओ गोमतीनगर सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, फ ॉरेंसिक एक्स्पर्ट, फि ंगर प्रिंट दस्ते के साथ छानबीन की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। एसएसपी ने बदमाशों की तलाश में क्राइम ब्रांच एवं पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी का दावा है कि जल्द ही डकैत पकड़ लिए जायेंगे। वारदात की सूचना मिलने के बाद एडीजी जोन और आईजी रेंज भी मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल के बाद जल्द खुलासे के आदेश दिए हैं। पुलिस ने शक के आधार पर घर की नौकरानी को हिरासत में लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है।
1-128 विवेक खंड गोमतीनगर में शीत श्याम सदन में बिजली विभाग से सेवानिवृत अधिकारी गिरीश पांडेय पत्नी मंजू पांडेय, बेटा प्रशांत और बहू अनन्या व एक पोते, एक पोती के साथ रहते हैं। प्रशांत एक रियल स्टेट कंपनी में मैनेजर है जबकि उसकी पत्नी अनन्या बाराबंकी स्थित आईडीबीआई बैंक में काम करती है। वहीं गिरीश की बेटी कल्पना दुबई में नौकरी करती है। इन दिनों कल्पना अपने बच्चे के साथ यहां आयी हुई है। बीती रात करीब ढ़ाई बजे रेलवे लाइन के किनारे से करीब आधा दर्जन डकैत मकान की खिड़की का ग्रिल काट कर अंदर दाखिल हो गए।
डकैत असलहों से लैस थे। डकैतों ने पहले गिरीश और उनकी पत्नी मंजू के कमरे में धावा बोला। दोनों को लोहे की रॉड से घायल कर चादर से हाथ पैर बांध दिए। यहां डकैतों ने मंजू के गहने लूट लिए। फिर डकैत प्रशांत के कमरे में दरवाजा तोड़ का घुस गए। यहां भी डकैतों ने प्रशांत और उसकी पत्नी अनन्या पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। बदमाशों ने अनन्या के गहने व नगदी लूट ली और फरार हो गए।
प्रशांत से पूछा कैश कहा हैं –
डकैतों ने गिरीश व उनकी पत्नी से लूटपाट करने के बाद जब प्रशांत के कमरे में दाखिल हुए तो वहां डकैतों ने उससे पूछा कि कैश कहा रखा है। इस पर प्रशांत ने दो लाख रुपए की नगदी रखी होने की बात कही। जिस पर डकैतों ने नगदी के अलावा करीब 12 लाख रुपए के गहने बटोर लिए और भाग निकले।
बच्चों का कमरा बाहर से कर दिया था बंद –
पीडिघ्त परिवार ने बताया कि डकैतों ने बच्चों के कमरे को बाहर से बंद कर दिया था। यही नहीं गिरीश की बेटी कल्पना का भी कमरे की कुंडी बाहर से बंद कर डकैत लूटपाट करते रहे। बदमाशों के जाने के बाद पीडिघ्त गिरीश किसी तरह से बेटी के कमरे के पास पहुंचे और दरवाजा बाहर से खोला।
एक घंटे तक नहीं मिला डॉयल 100 का फोन –
डकैत जब घर के अंदर तांडव मचा रहे थे। तब कमरे में बंद कल्पना बार बार डॉयल 100 फोन मिलाती रही। तकरीबन एक घंटे तक उसने फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं लगा। इस दौरान उसने गोमतीनगर पुलिस को भी फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं उठ सका। जिसके नतीजा यह हुआ कि बदमाश आसानी से भागने में कामयाब हो सके।
फिर संवेदनशील जगहों पर गस्त करती नहीं दिखी पुलिस –
पुलिस की कार गुजारी बार-बार फटकार और हिदायत के बाद भी सुधर नहीं रही है। ताबड़तोड़ पड़ रही डकैती के बावजूद भी पुलिस गस्त करती नहीं दिख रही। चैराहों पर तो पुलिस नजर भी आ जाती है लेकिन संवेदनशील जगहों पर कोई भी पुलिस कर्मी नहीं जाता। यही वजह है कि बदमाश इन्हीं जगहों का इस्तेमाल कर वारदात अंजाम देकर निकल जाते हैं।