विदेश में बसे जॉर्जियस ने केजीएमयू में ली मेडिकोज की क्लास

0
651

 

 

 

News। विश्वस्तर पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जार्जियन्स ने बृहस्पतिवार को स्नातक स्तर के मेडिकोज को क्लीनिक क्लास ली। केजीएमयू में तीन दिवसीय आयोजित जार्जियन एलुफेस्ट वेबिनार में यूनाइटेड किंगडम तथा आस्ट्रेलिया के विशेषज्ञ जार्जियन्स ने व्याख्यान दिया।
जार्जियन्स डा. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पौष्टिक भोजन व संतुलित मात्रा में विटामिन आदि का सेवन से आंखों की रोशनी सही रहती है। उन्होंने कहा कि नाश्ते या भोजन में पपीता या गाजर का सेवन पर्याप्त मात्रा में करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इनमें पर्याप्त मात्रा में कैरोटीनोइड्स पाया जाता है। इसके साथ ही जार्जियन्स डा. इरा पांडेय ने बताया कि लाइफ स्टाइल बदलने से जोड़ों में दर्द नहीं होने की संभावना रहती है। उन्होंने बताया कि दिन चर्या में प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर पैदल चलने से शरीर का फैट कम होता है आैर मोटापा निंयत्रिंत रहता है, इसके अलावा जोड़ भी एक्टिव होने से दर्द कम होने की आशंका होती है। इसके अलावा डा. संजीव अग्रवाल ने बताया कि प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए। इससे मांसपेशियां मजबूत होती है, इसके अलावा टहलने से कार्टिलेज एक्टिव रहता है। उनका मानना है कि मोटापा बढ़ने से घुटने खराब होते है। इसके साथ ही यूनाइटेड किंगडम के प्रो. धवेन्द्र कुमार, आस्ट्रेलिया की प्रो. शैलजा चतुर्वेदी ने भी व्याख्यान दिया। वेबिनार में सेप्सिस, जोड़ों की समस्या तथा ब्लाइडनेंस पर चर्चा की गयी। केजीएमयू कुलपति ले. जन. डा. बिपिन पुरी ने कहा कि केजीएमयू के जार्जियन्स विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है।

Previous articleचौरीचौरा कांड: सौ साल बाद जीवंत हो उठेगा इतिहास
Next article35 अस्पतालों में आज होगा वैक्सीनेशन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here