लखनऊ। जानकीपुरम थाना क्षेत्र स्थित बच्चों का इलाज करनेवाले अस्पताल के डॉक्टरों पर जांच रिपोर्ट में नॉर्मल कंडिशन होने के बावजूद डॉक्टरों ने पैसे वसूलने के लिए वेंटिलेटर पर रखने का आरोप लगा है। परिजनों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि गलत तरीके से नली डालने से नशे फटने से ब्लीडिंग होने के बाद रेफर करने का अनुरोध किया तो डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ ने उनके साथ अभद्रता की। परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। इस पर यूपी-100 की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत करवाया। पीड़ितों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप की जानकीपुरम थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
गायत्री नगर गुडम्बा निवासी हरीश गुप्ता का आरोप है कि आठ महीने के बच्चे को जुकाम होने की शिकायत पर वह शनिवार को गुडम्बा थाने के पास डॉ. एसके सिंह की क्लीनिक पर परामर्श लिया। यहां पर डॉक्टर ने बच्चे को बुलाइजर कराने के लिए कहा आैर अपने अस्पताल में भर्ती करवा दिया। परिवारीजनों का आरोप है कि अचानक कुछ जांचे करायी गयी फिर भी रिपोर्ट नॉर्मल होने के बाद भी डॉक्टर ने बच्चे की तबियत खराब बता दी। यही नहीं इसके बाद एनआईसीयू में वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। यहां पर बच्चे की सीरियस कंडीशन बताते हुए 56 हजार रुपये मंगलवार की शाम तक जमा करवाये।
करीब तीस हजार रुपये की बाहर से जांचे करा डाली। बुधवार को 25 हजार रुपये की और मांग की गई। आरोप है कि लापरवाही की हद तब हो गयी, जब नाक में गलत तरीके से नली डालने पर ब्लीडिंग शुरू हो गई। आरोप है कि परिवारीजनों ने दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करवाने को कहा तो डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों ने अभद्रता शुरू कर दी।
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