डेस्क। होम्योपैथ से इलाज में आपरेशन अथवा दूसरी पैथी की मदद के बिना भी गंभीर बीमारियों को जड़ से समाप्त कर सकती है। मेडिकल एसोसिएशन एवं राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज चंडेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में रविवार यहां राष्ट्रीय होम्योपैथी सेमिनार में इसके विकास पर चर्चा हुई। वहीं, विशेषज्ञों ने असाध्य रोगों पर किये गए शोध को तथ्यों सहित लोगों के जानकारी।
सेमिनार में संकल्प लिया गया कि होम्योपैथ के डाक्टर डा. हैनिमन के विचारों और विधा को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
इस मौके पर केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के अध्यक्ष डा. रामजी सिंह ने कहा कि एक विषय में पीजी मांगा परिषद ने दिया। उन्होंने कहा कि आप सात विषय में पीजी मांगिये परिषद देगा। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश के दो कालेजों को बंद करने की बात हुई तो हमने विरोध किया। हमारा मानना है कि कालेज बंद करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता बल्कि जरूरी संसाधन मुहैया कराकर समस्या का समाधान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2018-19 में 20 मेडिकल कालेज खोलने का प्रस्ताव है। होम्योपैथिक चिकित्सकों के लिए ब्रिाज कोर्स का कोई प्रस्ताव शासन में नहीं आया है। बल्कि एलोपैथ के डाक्टर के लिए तीन महीने के ब्रिाज कोर्स का प्रस्ताव आया था लेकिन परिषद ने इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा के क्षेा में काफी परिवर्तन किया। परिषद ने वेतनमान पर ध्यान दिया और इस पर भी काम किया है। अगले साल से पीजी में नीट लागू कर दिया गया है।
डा0 सिंह ने कहा कि पचास प्रतिशत से कम अंक होने पर पीजी और यूजी में एडमीशन नहीं होगा। आज ज्यादातर कालेजों में पीजी की सीट खाली है। व्यवस्था में सुधार के लिए शिक्षकों का बायोमेट्रिक हस्ताक्षर कर दिया गया है। हम ऐसे साफ्टवेयर का विकास कर रहे है कि हम परिषद में बैठकर देख सकेंगे कि हमारा शिक्षक क्या कर रहा है। यह व्यवस्था 15 फरवरी तक लागू होगी।
उन्होंने कहा कि अभी परिषद का 21 देशों से समझौता हुआ है। पिछले दिनों भारत और इजलाइल में रिसर्च के लिए अहम समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ मल्टी नेशनल कंपनियो की साजिश है जो ब्रिाज कोर्स की चर्चा चलाकर अपने अवैध व्यापार को साधना चाहती है।
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