ट्रामा में भीषण आग, दम घुटने से 3 की मौत

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लखनऊ – किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में शाम सात बजे आपदा प्रबंधन कक्ष के स्टोर में शार्ट सर्किट से आग लग गयी। दूसरे तल पर लगी आग स्टोर में रखे सामान से तेजी से बढ़ लगी आैर कुछ ही देर में धुंआ फैलने लगा। बढ़ते धुएं से अफरा-तफरी मच गयी मरीजों को तीमारदार बाहर लेकर भागने लगे, मरीजों को लेकर स्ट्रेचर, बिस्तर सहित लेकर भागने रहे थे। ट्रामा सेंटर के दूसरे व तीसरे फ्लोर के साथ इमरजेंसी को खाली कराने के निर्देश दे दिये गये। मरीजों को बगल में शताब्दी अस्पताल, लॉरी कार्डियोलॉजी व गांधी वार्ड शिफ्ट कराना शुरु कर दिया गया,जब कि चौथे तल व पांचवे तल पर मरीजों को बाहर नही निकाल गया था।

3 मरीजों की मौत –

केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट का दावा कि सभी मरीज सुरक्षित है। जबकि मौके पर हालात को देखते हुए तीमारदार खुद चिल्ला चिल्ला कर कह रहे थे कि करीब धुएं में दम घुटने से करीब 3 मरीजों की मौत हो गयी थी। हालांकि इसे केजीएमयू प्रशासन ने कोई मौत को नहीं माना था। गंभीर मर मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेजी बढ़ती के कारण अन्य फायर स्टेशन से गाड़ियों को बुला लिया गया। मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन के अलावा कैबिनेट मंत्री ब्राजेश पाठक भी मौके पर पहुंच गये।

मौके पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दे दिये है। ट्रामा सेंटर प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गये। आग से बढ़ रहे धुएं को निकालने के लिए शीशे तोड़ दिये गये थे। खबर लिखे जाने तक आग बुझने का दावा किया जा रहा था लेकिन सेंटर से धुंआ नहीं निकाला जा सका था।

आग लगते ही तीमारदार मरीजों को लेकर भागे

शाम सात बजे ट्रामा सेंटर के दूसरे तल पर लोगों ने धुंआ निकलते देखा। आनन -फानन में मौके पर पहंुचे सुरक्षा गार्डो ने देखा कि आपदा प्रबधंन कक्ष के स्टोर से धुंआ निकल रहा था। स्टोर का दरवाजा को तोड़ा गया तो आग तेजी से बढ़ने लगी। आग को बढ़ते देख आैर फैलते धुंए कारण सामने सर्जरी विभाग के मरीजों व डाक्टरों में अफरा -तफरी मच गयी। लगातार बढ रही आग के कारण मरीजों को तीमारदार खुद ब खुद लेकर भागने लगे। कुछ तीमारदार तो बिस्तर सहित मरीज को ग्लूकोज की बोतल सहित लेकर भाग निकले। स्ट्रेचर, व्हील चेअर सहित अन्य गोद में लेकर मरीज को लोग भाग रहे थे। बढ़ती आग को देखते हुए नीचे के तल पर आर्थोपैडिक , इमरजेंसी मेडिसिन व इमरजेंसी के मरीजों को भी बाहर निकलने के लिए कहा गया।

सुरक्षा गार्डो, कर्मचारियों ने आग को रोकने के लिए दूसरे तल के खिड़किंयों के शीशे तोड़ना शुरू कर दिया ताकि धुंआ न भरने पाये। तीसरे तल पर मौजूद क्रिटकल केयर यूनिट के मरीजों को बचाने के कोशिश शुरु कर दी गयी। इसके साथ ही चौथे तल पर मौजूद बाल रोग विभाग व न्यूूरोइमरजेसी के गंभीर मरीजों की हालत खराब होने लगी। उन्हें शिफ्ट करना मुश्किल था। कुछ देर बाद तीसरे तल पर बढ़ते धुंए व आग को देखते हुए क्रिटकल केयर के मरीजो ंको भी पांचवे तल पर आईसीयू में शिफ्ट करा दिये गया।

मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड के अधिकारियो व कर्मचारियों की कोशिश यह थी कि किसी तरह आग पांचवे व चाथे तल पर न पहुंचे। आग की सूचना पाकर कैबिनेट मंत्री ब्राजेश पाठक पहुंच गये। उसी वक्त चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने भी ट्रामा सेंटर पहंुच गये आैर आग बुझाने की कार्रवाई का जायजा लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

कई जिलों के मरीज हैं भर्ती

बता दें कि जिस समय आग लगी है उस समय ट्रॉमा सेंटर में कई जिलों के सैकड़ों मरीज भर्ती थे। गनीमत रही कि इस अग्निकांड में कोई हताहत नहीं हुआ। जब ट्रॉमा सेंटर मरीजों से फुल हो गया तो मरीजों को शताब्दी अस्पताल में भी शिफ्ट किया गया।

ट्रैफिक किया गया डायवर्ट

आग लगने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उस क्षेत्र का ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। डायवर्जन की वजह से उधर के रास्तों पर भयंकर जाम लग गया। वहीं जाम की बजह से दमकल की कई गाड़ियां भी जाम में फंस गईं।

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