लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बार फिर फैमिली मेडिसिन विभाग शुरू करने की क वायद शुरू कर दी है। दो वर्ष पहले से प्रस्तावित यह विभाग अगर शुरू हो जाता है, तो सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें डॉक्टर सभी बीमारियों का प्राथमिक इलाज मरीजों को देंगेआैर जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के पास मरीज को रेफर किया जाएगा। फैमली मेडिसिन विभाग को शुरू करने के लिए कई वर्ष पहले की पहल की गयी थी। किन्ही कारणों से इस योजना को अंजाम नही दिया सकेगा। केजीएमयू कुलपति डॉ एमएलबी भट्ट का दावा है कि उनके यहां ओपीडी में रोजाना सात से आठ हजार विभिन्न बीमारियों के मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं।
खास बात यह कि इनमें 20 से 30 फ़ीसदी मरीजों को बीमारी की जानकरी नहीं होती है आैर डाक्टर से इलाज कराने के लिए आ जाते है। यह इलाज के लिए पहली बार डॉक्टर के पास आते हैं। डाक्टर जांच या लक्षण के आधार पर कई बार मरीजों को एक से दूसरे विभाग रेफर कर देते है। इस कारण मरीजों को विभाग की परिक्रमा करते हुए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि फैमिली मेडिसिन विभाग में एमडी डॉक्टर की तैनाती की जाने का प्रस्ताव है। यह डाक्टर जो मरीज की किसी भी प्रकार की बीमारियों की जानकारी होने पर प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराएंगे।
इलाज के दौरान अगर जरूरत पड़ने पर ही मरीजों को दूसरे विभाग के डॉक्टर के पास रेफर कर देंगे। इससे मरीजों को इलाज कराने के लिए बेवजह परिक्रमा नहीं करना होगा। उन्होंने बताया कि फैमिली मेडिसिन विभाग का खाका तैयार कर लिया गया है। वहां पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव तैयार हो चुका है जल्द ही उसे शासन को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
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