लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में ब्लड बैंक में खून के दलाल फिर सक्रिय है। यह तीमारदारों को बिना रक्तदाता के ब्लड यूनिट दिलाने का दावा करते है। ब्लड यूनिट के अनुसार कई गुना अधिक कीमत लेकर नकली डोनर कार्ड धमा देते है। ब्लड बैंक में गहन पड़ताल के बाद दो केस का खुलासा हुआ है। इसके बाद ब्लड बैंक ने डोनर कार्ड पर थ्रीडी होलोग्राम स्टीकर युक्त बना दिया है।
कोरोना संक्रमण काल में केजीएमयू के ब्लड बैंक में ब्लड यूनिट तेजी से कम हो रही है। क्योंकि ब्लड डोनेशन के लगातार चलने वाले कैम्प नही लग पा रहे है। इसके बाद ब्लड बैंक ने बिना डोनर ब्लड दिये जाने पर स्पष्ट रोक लगा दी है। ऐसे में खून के दलालों ने नयी तरकीब निकाल ली है। अगर यह लोग तीमारदार के साथ रिश्तेदार बन कर जाते है, तो काउंसिलिंग में खुलासा होने का भय रहता है। इसके साथ ही स्कैनर दलालों का पता लगाने में देर नहीं करता है। ऐसे में यह लोग ब्लड डोनर कार्ड छपवा लिया है। यह लोग तीमारदारों को बिना डोनर खून मुहैया कराने का झांसा देकर एक ब्लड यूनिट के बदले पांच से सात हजार रुपये लेते है।
अगर ब्लड ग्रुप निगेटिव या कम उपलब्ध है तो उसका दाम बढ़ा देते है। ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख व ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. तूलिका चन्द्रा के कुछ फर्जी डोनर कार्ड पकड़ने के बाद बताया कि दलालों ने केजीएमयू के हूबहू डोनर कार्ड छपवाएं हैं। दो लोग कार्ड लेकर खून लेने आए थे। जांच के दौरान पकड़ने पर भाग निकले है। अब सुरक्षा के नजरिये से डोनर कार्ड पर थ्रीडी होलोग्राम स्टीकर लगाने की शुरुआत की गई है।












