लखनऊ । कोविड 19 के संक्रमण की जांच हेतु गठित आर आर टी में अपनी ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गंवाने वाले राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के लैब टैक्नीशियन एवं टीबी नियंत्रण कर्मचारी कल्याण समिति के महामंत्री स्व मुकेश सिंह का परिवार उनकी मौत के आठ माह बीत जाने के बाद भी अनुग्रह राशि के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। गौरतलब है कि स्व मुकेश सिंह कोविड की जांच के लिए गठित आर आर टी का हिस्सा थे जो कि बी एम सी रेडक्रास के अधीन अपनी सेवायें दे रहे थे।ड्यूटी के दौरान ही वह कोरोना संक्रमित हुए, जिन्हें 3 सितम्बर 2020 को लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया हालत बिगडने पर उन्हें के जी एम यू में भर्ती कराना पडा,जहाँ 27 सितम्बर 2020 को उनका निधन हो गया। मुकेश के परिवार में उनके बृद्ध माता पिता के अतिरिक्त उनकी पत्नी रंजना,बेटी अनुष्का 14 वर्ष, बेटा साश्वत 7 वर्ष है। श्रीमती रंजना ने बताया कि उनकी जानकारी के अनुसार अनुग्रह राशि की पत्रावली जिला क्षय रोग अधिकारी,एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अग्रसारित होकर लगभग 7 माह पूर्व जिलाधिकारी को प्रेषित की जा चुकी है,परंतु उसके बाद क्या हुआ इसकी जानकारी हमें नहीं दी जा रही है। समिति के संयुक्त मंत्री विजय कुमार मौर्य का कहना है कि स्व मुकेश सिंह बेहद कर्मठ कर्मचारी थे । उनकी कर्तब्यनिष्ठा को देखते हुए सांसद मोहनलाल गंज कोशल किशोर द्वारा उन्हें कोरोना योद्धा के रूप में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया था। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा भी अपने स्तर से भी तमाम अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्य मंत्री एवं जिलाधिकारी से पीड़ित परिवार को राहत उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया जा चुका है, किन्तु परिवार की मदद न हो पाने के कारण प्रदेश के समस्त टीबी कर्मचारियों में गहरी निराशा व्याप्त है।