H3N2 इंफ्लुएंजा से बुजुर्गों व छोटे बच्चों को ख़तरा ज्यादा

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न्यूज। देश में मौसमी इंफ्लूएंजा के म्यूटेट एच3एन2 से पहली दो मौतें होने की पुष्टि होने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को निर्देश दिया है कि वह स्थिति पर करीबी नजर रखे है। ऐसा मानना है कि माह के अंत से मामले घटने की उम्मीद है। फिलहाल छोटे बच्चों आैर पहले से रोगों से पीड़ित वृद्ध व्यक्तियों को मौसमी इंफ्लूएंजा से सबसे ज्यादा खतरा है।
मंत्रालय द्वारा साझा किये गये आंकड़ों के अनुसार, दो जनवरी से पांच मार्च तक देश में एच3एन2 के 451 मामले सामने आये हैं।

 

 

 

 

 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, ”यह देखा जा सकता है कि इस साल की शुरूआत से, एच3एन2 जांच में इंफ्लूएंजा की पुष्टि वाले नमूनों में इसका सबसे प्रमुख म्यूटेशन है।
मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, वह मौसमी इंफ्लूएंजा के उप-स्वरूप एच3एन2 के मामलों आैर मृत्यु दर पर भी करीबी नजर रखे हुए है।
मंत्रालय के जिम्मेदार अधिकारियों का मानना है कि छोटे बच्चों आैर पहले से रोगों से पीड़ित वृद्ध व्यक्तियों को मौसमी इंफ्लूएंजा से सबसे ज्यादा खतरा है। अब तक, कर्नाटक आैर हरियाणा में एच3एन2 से एक-एक मौत होने की पुष्टि हुई है।

 

 

 

 

 

 

मौसमी इंफ्लूएंजा श्वसन तंत्र में होने वाल एक गंभीर संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा वायरस से होता है। कुछ खास महीनों में विश्व भर में इसके मामले बढ जाते हैं।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ” भारत में हर साल मौसमी इंफ्लूएंजा के मामले दो अवधि में बढते हैं: पहली अवधि जनवरी से मार्च महीने तक की होती है आैर दूसरी अवधि मॉनसून बाद के महीनों की है। मौसमी इंफ्लूएंजा के मामले मार्च से घटने की उम्मीद है। इस सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए अधिकारी पूरी तरह तैयार हैं।””
बयान में कहा गया है कि मंत्रालय समन्वित रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) नेटवर्क के जरिये वास्तविक समय (रियल टाइम) के आधार पर मामलों पर नजर रखे हुए है। बताते चले कि कर्नाटक में हीरे गौड़ा (82) नाम के व्यक्ति की एच3एन2 वायरस से एक मार्च को मौत हो गई। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। वह मधुमेह से पीड़ित थे आैर उन्हें उच्च रक्तचाप की भी समस्या थी।
हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में 56 वर्षीय एक व्यक्ति की एच3एन2 वायरस से मौत होने की पुष्टि हुई है। वह जनवरी में संक्रमित हुए थे आैर फेफड़े के रोग से भी पीड़ित थे।
अधिकारी ने बताया, ”प्रारंभिक सूचना के अनुसार, जींद निवासी 56 वर्षीय मरीज की आठ फरवरी को घर पर मौत हो गई। वह फेफड़े के कैंसर का मरीज थे। रोहतक के पीजीआईएमएस अस्पताल में जनवरी में एच3एन2 से उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। अधिकारी ने बताया कि मरीज के 17 जनवरी को इंफ्लूएंजा ‘ए” के उप-स्वरूप एच3एन2 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। आईडीएसपी-आईएचआईपी (इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉरमेशन प्लेटफॉर्म” पर उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार, नौ मार्च तक इंफ्लूएंजा के विभिन्न स्वरूपों के 3,038 मामले सामने आये हैं, जिनमें एच3एन2 के मामले भी शामिल हैं। इन आंकड़ों में, जनवरी के 1,245, फरवरी के 1,307 आैर नौ मार्च तक सामने आये 486 मामले शामिल हैं।

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