लखनऊ। केजीएमयू के ट्रामा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. यूबी मिश्र का एक आदेश घायल मरीजों पर भारी पड़ गया। घायलों को डाक्टर,पैरामेडिकल इलाज में जुटे थे आैर घायलों को लेकर तीमारदार जांच कराने व भर्ती कराने के लिए जुटे थे कि अचानक भीड़ को बाहर करने निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने जारी कर दिया। इसके बाद सुरक्षा गार्ड तीमारदारों को धक्का देकर बाहर निकालने लगे तो तीमारदारों ने बवाल मचा दिया। जमकर हंगामा मच गया। तीमारदार सीधे सुरक्षागार्ड से भिड़ गये आैर मारपीट की नौबत आ गयी। किसी तरह अन्य डाक्टरों ने समझा बुझा का मामला शांत किया। उनका तर्क था कि भीड़ के कारण बेहतर इलाज में दिक्कत आ रही है। जब कि तीमारदारों का कहना था कि बहुत लोगों मरीज मिल ही नही रहे है तो किसी का बेटा या माता पिता गायब है। उनकी तलाश की जा रही है।
वहां पर एक ग्रामीण ने बताया कि बच्चा अमन घायल होकर आया है तो उसके माता पिता का पता नहीं चल रहा है। इसी तरह रेशमा आैर उसका बच्चा घायल होकर यहां आये है, उनकी बेटी का पता नहीं चल रहा है। सभी बदहवास से अपने मरीजों को तलाश रहे हंै। ऐसे में तीमारदारों को बाहर निकालने का आदेश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा दिया जाना भारी पड़ गया। तीमारदारों का कहना था कि गेट से मरीज के साथ एक या दो लोग को ही अंदर आने दिया जा रहा है। पता तो चले कि उनका परिजन घायल होकर आया है। घंटो बीत जाने के बाद भी सेंटर प्रशासन घायलों के नामों की लिस्ट नहीं लगा पाया था। हंगामा कर रहे तीमारदारों को समझा बुझा कर शांत कराया गया है आैर उन्हें सहयोग की अपील की गयी। इसके बाद हंगामा शांत हो पाया। ट्रामा सेंटर प्रशासन का कहना है कि इलाज करने में दिक्कत आ रही थी इस लिए भीड़ को बाहर करने का निर्देश दिया गया था। मौके पर पुलिस बल को तैनात कर दिया गया था।
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