लखनऊ। वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) में बुधवार को प्रसव के कुछ देर बाद नवजात ने दमतोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
बाराबंकी निवासी शबनम को प्रसव पीड़ा होने पर 16 जून को वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। एसएलआर साइन टू वार्ड में भर्ती शबनम की जांच में खून की कमी पायी गयी। एक ब्लड चढ़ाया गया। डाक्टरों के अनुसार करीब तीन ग्राम ब्लड का स्तर बढ़ा। बुधवार को तेज प्रसव पीड़ा होने पर नार्मल डिलीवरी करायी गयी, लेकिन नवजात ने कुछ देर बाद ही दमतोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए पुलिस को सूचना दी कि बच्चा बदल दिया गया है आैर किसी दूसरे के मृत बच्चे को उनका बताया जा रहा है।
पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल की, इसमें अस्पताल के वरिष्ठ डाक्टरों ने समझाया, तब जाकर परिजन शांंत हुए। अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. साधना सक्सेना ने बताया कि प्रसूता एनिमिक थी। इसके कारण बच्चे पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो पाया था। इसके कारण नवजात ने दमतोड़ दिया। जिस समय मरीज की डिलीवरी करायी गयी, उस समय एक ही नवजात का जन्म हुआ था, इसलिए बदलने का सवाल ही नहीं उठता है। जब परिजनों को पूरी बात समझायी गयी तो वह मान गये।












