लखनऊ। बृहस्पतिवार को वीरागंना अवंतीबाई बाल महिला (डफरिन) अस्पताल 134 वां स्थापना दिवस मनाएगा। आमतौर पर पुराने लखनऊ में अभी भी डफरिन अस्पताल गोलागंज अस्पताल के नाम से मशहूर है। इस को उच्चस्तरीय करने के लिए भारत सरकार के सहयोग से काम्प्रिहैंसिव लैक्टिशनल यूनिट स्थापित की जाएगी। आम तौर पर इसको मिल्क बैंक कहा जा सकता है। इसके तहत स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए मां का दूध को निकाल कर सुरक्षित रखा जाएगा। जो कि नवजात शिशु को दूध पिलाया जाएगा।
यह जानकारी अस्पताल की प्रमुख अधीक्षिका डा. हेमलता यादव ने बताया कि इस यूनिट के लिए जगह का चयन किया जा चुका है। यह बाल रोग विशेषज्ञ डा. सलमान खान की देखरेख में संचालित कि या जाएगा। डा. यादव ने बताया कि अस्पताल में माडल वैक्सीनेशन सेंटर भी विकसित किया जाएगा। इसमें शिशु को मुफ्त टीके लगाये जाएंगे।
शिशुओं के लिए खेलकूद व खिलौने का इंतजाम होगा। इसमें भीड़ होने की स्थिति में बच्चे यहां अपना मन बहला सकेंगे। इसके अलावा कृत्रिम गर्भाधारण की सुविधा की शुरु होने जा रही है। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि वैसे तो अस्पताल में इनफर्टिलिटी क्लीनिक का संचालन लम्बे समय से हो रहा है। इसमें 10-15 महिलाएं आ रही है। इस क्लीनिक में इलाज लगातार हो रहा है।












